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दतिया विधानसभा उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा को हराने वाले राजेंद्र भारती की गई सदस्यता, जानें क्या है उपचुनाव का कानून?

मध्य प्रदेश की हाई-प्रोफाइल दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को उपचुनाव होने जा रहे हैं. कॉपरेटिव बैंक घोटाले में कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट के ‘लिली थॉमस’ कानून के तहत उनकी सदस्यता रद्द हो गई थी.

MP Datia By Election Announced Reasons and Lily Thomas Judgement Explained

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Edited by Vaibhav Gupta

MP By-Election: मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव चर्चा का विषय बना हुआ है. प्रदेश के सबसे हाइप्रोफाइल सीट माने जाने वाली दतिया में 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद घोषित किया जाएगा. इसके लिए 6 जुलाई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और 13 जुलाई तक प्रत्यासी अपने नामांकन दाखिल कर सकेंगे.

क्या है उपचुनाव का कानून?

कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने 2023 विधानसभा चुनाव में नरोत्तम मिश्रा को भारी मतों से हराया था. लेकिन राजेंद्र भारती को कॉपरेटिव बैंक घोटाला मामले में तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद यह सीट खाली हो गया था. जिसपर उपचुनाव होने जा रहा है. क्योंकि कानूनी तौर पर अगर कोई सीट किसी कारण खाली हो जाती है तो उसके 6 महीने के भीतर उपचुनाव कराना जरूरी है.

हालांकि किसी को किसी मामले में सजा हो जाती है और उसकी सदस्यता चली जाती है, और उसकी अपील पर दोष सिद्धि पर रोक लग जाती उसके बावजूद भी वह सीट दोबारा विधायक नहीं लड़ पायेगा. क्योंकि अपील सालों साल लंबित रहती है और तब तक उसका कार्यकाल भी खत्म हो जाता है.

कई सीटों पर चुनाव कराना ज्यादा किफायती

बता दें कि केंद्रीय चुनाव आयोग ने एक प्लान तैयार किया है. प्लान के तहत उप-चुनाव साल में दो बार आयोजित किया जाएगा. इससे न सिर्फ समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि सरकारी खजाने पर पड़ने वाला बोझ भी कम होगा.

चुनाव आयोग का मानना है कि साल में दो बार उप चुनाव कराने से ये खर्च कम होंगे, क्योंकि एक साथ कई सीटों पर चुनाव कराना ज्यादा किफायती है. साथ ही बार-बार चुनावी प्रक्रिया से मतदाताओं और प्रशासन को होने वाली परेशानी भी कम होगी.

पुराना मामला

2013 में लिली थॉमस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला दिया था. यदि किसी सांसद या विधायक को किसी भी आपराधिक मामले में 2 साल या उससे अधिक सजा सुनाई जाती है, तो उसकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द हो जाती है. ऐसे में संबंधित सीट को खाली मानकर वहां 6 महीने के भीतर उपचुनाव करना जरूरी हो जाता है.

यही कारण है कि उत्तर प्रदेश के घोसी सीट हो या फिर मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा सीट. दोनों सीटों पर उपचुनाव कराने का चुनाव आयोग ने फैसला लिया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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