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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बाद बंद स्कूलों के मामले में हस्तक्षेप करने से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच स्कूल बंद करने के फैसले में हस्तक्षेप से इनकार किया है. कोर्ट ने टोल प्लाजा फ्री करने की मांग पर नोटिस जारी करते हुए 6 जनवरी को अगली सुनवाई तय की है.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बाद बंद स्कूलों के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है. साथ ही कोर्ट ने टोल प्लाजा फ्री करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह नोटिस जारी किया है. सुनवाई के दौरान एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि हम अनुरोध कर रहे है कि बीएस lll तक के वाहनों को नए मॉडलों तक ही सीमित रखा जाए.

सीजेआई ने कहा कि कुछ हद तक और बीएस III व नए मॉडलों के वाहनों के लिए कोई दंडात्मक कार्रवाई नही की जाएगी. कोर्ट 6 जनवरी को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि 1 से 5 तक स्कूल बंद होने से गरीब बच्चों का मिड डे मील भी प्रभावित होता है.

यह भी दलील दी गई कि ऑनलाइन/हाइब्रिड पढ़ाई अमीर परिवारों के पक्ष में है, गरीब बच्चे ज्यादा नुकसान झेलते है. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि हाइब्रिड से भेदभाव की आशंका जताते हुए कहा कि संपन्न परिवार बच्चों को सुरक्षित रख पाएंगे, बाकी जोखिम में रहेंगे. सीजेआई ने कहा कि प्रदूषण बुजुर्गों के लिए भी खतरा है, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर जाना भी जोखिम भरा हो गया है.

माता-पिता बच्चों को लेकर जोखिम में क्यों डाल रहे हैं?- CJI सूर्यकांत

वही एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि 15 दिसंबर को हालात बेहद गंभीर होने के कारण स्कूल पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया गया. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अगर कुछ माता-पिता बच्चे को स्कूल ले जाते हैं और वही छोड़ देते हैं, तो क्या आपको नहीं लगता कि इसमें भी जोखिम का खतरा है? एएसजी ने कहा कि गरीबों के लिए उनका कहना है कि स्कूल का माहौल बेहतर है. उन्होंने यह भी कहा कि पूरी समस्या का समाधान करने और स्वास्थ वातावरण बनाने के लिए, आप सभी सही कह रहे हैं, हमें दीर्घकालिक समाधान केबारे में सोचना होगा.

सुप्रीम कोर्ट ने दिया पर्यावरण के लिए संकेत

सीजेआई ने कहा कि स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे, पार्क जाने वाले वरिष्ठ नागरिक सभी एक ही समस्या का सामना कर रहे है. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हमारी समस्या यह है कि ऐसे मामलों में हमें विशेषज्ञों से कम सलाह मिलती है और वकील ही विशेषज्ञ बन जाते हैं. एएसजी ने मजदूरों की दिहाड़ी को लेकर कहा कि ढाई लाख मजदूरों को रजिस्टर किया गया है और 35 हजार का वैरिफिकेशन हो चुका है. जिनकी जांच हो चुकी है उनके खातों में सीधे पैसा भेजा जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगले साल से तय करे कि एक अक्टूबर से 31 जनवरी तक कोई टोल नही लिया जाएगा.

सीजेआई ने एमसीडी कहा कि एमसीडी को 31 दिसंबर तक टोल प्लाजा शुल्क नहीं लेना चाहिए. इससे वाहनों का प्रदूषण कम होगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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