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महाराजा की दी हुई जमीन पर छिड़ा महासंग्राम; जयपुर पोलो ग्राउंड पर कब्जे की जंग पहुंची दिल्ली हाई कोर्ट

Jaipur Polo Ground Case: जयपुर पोलो ग्राउंड को खाली कराने के केंद्र सरकार के नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट 1 जुलाई को सुनवाई करेगा. सरकार ने इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया है.

Delhi High Court
Edited by Shubhra Rai

Jaipur Polo Ground Case: दिल्ली हाई कोर्ट दिल्ली के जयपुर पोलो ग्राउंड के मामले में दायर याचिका पर 1 जुलाई को सुनवाई करेगा. इंडियन पोलो एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका पर दोनों पक्षों की जिरह के बाद कोर्ट ने मामले को 1 जुलाई को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है. इंडियन पोलो एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका में पोलो ग्राउंड का कब्जा वापस पाने की मांग की गई है. साथ ही केंद्र सरकार के 20 मई के बेदखली नोटिस पर रोक लगाने की मांग की गई है.

मैदान की सतह से कोई छेड़छाड़ नहीं

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस विनोद कुमार ने केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील से पूछा कि क्या आप वहां खुदाई कर रहे हैं? क्या आप खुदाई जारी रखना चाहते है? इसपर केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, क्योंकि पोलो ग्राउंड के पास भारतीय वायुसेना का एक महत्वपूर्ण स्टेशन स्थित है. सरकार ने कहा कि फिलहाल सीमा (बाउंड्री) का सीमांकन किया जा रहा है और मैदान की घास या खेल की सतह से कोई छेड़छाड़ नहीं की जा रही है.

कोर्ट का बेदखली के आदेश पर रोक लगाने का आदेश

इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट से रोक लगाने से इनकार करने के बाद केंद्र सरकार ने दिल्ली के रेस कोर्स इलाके में स्थित जयपुर पोलो ग्राउंड को अपने कब्जे में ले रखा है. कोर्ट ने इंडियन पोलो एसोसिएशन के खिलाफ बेदखली के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. केंद्र सरकार ने 20 मई को जयपुर पोलो ग्राउंड खाली करने का नोटिस जारी किया था. इंडियन पोलो एसोसिएशन ने पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन कोर्ट ने रोक नहीं लगाया था, जिसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुचा था.

जिस पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एनडीएमसी इलाके में जो थोड़ी बहुत हरियाली बची है, अगर उसे भी खत्म कर दिया गया तो ‘दिल्ली का दम घुट जाएगा और हम सब घुट-घुट कर मरेंगे. इसके साथ ही कोर्ट ने निचली अदालत को जल्द सुनवाई करने को कहा था. लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि परिसर सरकारी स्वामित्व वाली भूमि है.

20 साल के लिए क्लब औपचारिक रूप से लीज पर

केंद्र सरकार द्वारा चस्पा किए गए नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर कोई व्यक्ति या संस्था यहां अवैध कब्जा, अतिक्रमण, निर्माण गतिविधि या अन्य गैर-कानूनी उपयोग करने का प्रयास करती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि केंद्र सरकार और इंडियन पोलो एसोसिएशन के बीच करीब 15.20 एकड़ में फैले इस ग्राउंड के कब्जे को लेकर चल रहे विवाद के बीच हुआ है. आईपीए ने 20 मई 2026 के उस बेदखली आदेश को कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसका उन्हें ग्राउंड खाली करने का निर्देश दिया गया था. 1930 के आसपास जयपुर के तत्कालीन महाराजा ने यह जमीन दिल्ली पोलो क्लब को उपहार में दिया था. 24 फरवरी 1051 को केंद्रीय लोक निर्माण ने 20 साल के लिए इसे क्लब को औपचारिक रूप से लीज पर दिया था.

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-भारत एक्सप्रेस 



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