IRCTC
दिल्ली हाईकोर्ट ने आपराधिक मामले का खुलासा न करने पर भरतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के 56 करोड़ रुपए के खानपान अनुबंध को रद्द कर दिया. यह अनुबंध आरके एसोसिएट्स और होटिलयर्स प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था. उस अनुबंध के तहत कंपनी कई ट्रेनों में कैटरिंग सेवा प्रदान करता था.
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय एवं न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने पाया कि बोलीदाता आरके एसोसिएट्स व अन्य एक लंबित आपराधिक मामले का खुलासा करने में विफल रहा है. उससे भ्रष्टाचार विरोधी सिद्धांतों की रक्षा के लिए बने निविदा की शतरे का उल्लंघन हुआ है.
पीठ ने कहा कि बोलीदाता के वास्तविकताओं का खुलासा न करने के बावजूद कंपनी को अनुबंध देकर आईआरसीटीसी ने अपने स्वयं के निविदा मानदंडों का उल्लंघन किया है. दिया गया अनुबंध दोषपूर्ण है और यह सार्वजनिक निविदाओं में निष्पक्षता के सिद्धांत के अनुरूप नहीं है.
IRCTC ने खुद के निविदा मानदंडों का किया उल्लंघन
पीठ ने यह कहते हुए आईआरसीटीसी की ओर से 17 अप्रैल, 2024 को आरके एसोसिएट्स को अनुबंध संबंधी जारी लेटर ऑफ अवार्ड (एलओए) को रद्द कर दिया. साथ ही आईआरसीटीसी को निर्देश दिया कि वह खानपान के लिए नए सिरे से तीन महीने में निविदा जारी करे और तबतक आरके एसोसिएट्स को ट्रेनों में कैटरिंग सेवा प्रदान करने दे. पीठ ने यह निर्देश एमएस दीपक एंड कंपनी की याचिका पर फैसला देते हुए कहा.
याचिकाकर्ता ने कहा था कि वह एक प्रतिद्वंद्वी बोलीदाता था. उसने 41 करोड़ की दूसरे कंपनी से कम बोली लगाई थी. लेकिन कैटरिंग का टेंडर आरके एसोसिएट्स को जारी कर दिया गया. उसने जारी एलओए को चुनौती दी और कहा था कि निविदा लेने वाला कंपनी ने अपने खिलाफ लंबित आपराधिक मामला को छुपाया है जो निविदा के शतरे का उल्लंघन है. उसे जारी एलओए को रद्द कर दिया जाए.
-भारत एक्सप्रेस
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