शरजील इमाम. (फाइल फोटो)
जेएनयू के पूर्व छात्र शरजील इमाम की ओर से दायर ट्रांसफर याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या शरजील इमाम पर एक ही भाषण के लिए अलग-अलग राज्यों में मुकदमा चल सकता है? कोर्ट 2 सप्ताह बाद इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. शरजील इमाम ने एक ही भाषण के लिए अलग-अलग राज्यों में दर्ज एफआईआर को एक जगह ट्रांसफर की मांग की है.
मामले की सुनवाई के दौरान शरजील इमाम की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने कोर्ट को बताया कि एक भाषण के लिए देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज मुकदमों का सामना नहीं किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि दिल्ली कोर्ट में सुनवाई का सामना करने के बावजूद उन अदालतों से समन मिल रहे हैं. दवे ने जोरदार कहा कि याचिकाकर्ता के लिए एक ही भाषण से उत्पन्न मुकदमे के लिए विभिन्न राज्यों में पेश होना अव्यवहारिक होगा. जिसका दिल्ली पुलिस की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने विरोध किया है.
एएसजी ने कहा कि शरजील इमाम ने बिहार, उत्तर प्रदेश, अरुणाचाल प्रदेश, मणिपुर और असम में भीड़ को उकसाया और यह अपराध अलग-अलग है. इसपर सीजेआई संजीव खन्ना ने कहा कि लेकिन भाषण एक ही है.
भाषण एक ही है, तो मुकदमे क्यों अलग-अलग?
कोर्ट ने कहा कि मामले को दिल्ली ट्रांसफर किया जाना चाहिए. जिसपर एएसजी ने कहा कि वह अन्य राज्यों के लिए पेश नहीं हो रहे हैं. इसलिए उनके पास मामलों को एक साथ जोड़ने या ट्रांसफर करने के संबंध में कोई निर्देश नहीं है. राज्य के खिलाफ अपराध एक मुद्दा है और समाज के खिलाफ अपराध अलग मुद्दा है.
सीजेआई ने कहा कि अगर अलग-अलग भाषण थे तो आप सही हो सकते हैं यहां भाषण एक ही है. अगर आप सहमत हैं, तो अन्य राज्यों में मुकदमे पर रोक लगाई जा सकती है. असम और मणिपुर में दर्ज एफआईआर में चार्जशीट दाखिल हो चुका है. जबकि उत्तर प्रदेश और अरुणाचाल प्रदेश में दर्ज मामले में भी सुनवाई चल रही है.
शरजील इमाम की जनवरी 2020 में गिरफ्तार किया गया था. उस पर दिल्ली के जामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगा है. शरजील इमाम पर देशद्रोह और यूएपीए (गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत मामला चल रहा है. वह 2019 और 2020 में सीएए विरोधी आंदोलन के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में भड़काऊ भाषण दिया था.
ये भी पढ़ें: अपने बयान से पलटी Ms Medusssa! मांगी माफी, कहा शिक्षक हो कर भी अपने शब्द समझा न पाई
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

