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सुप्रीम कोर्ट ने कहा सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर पर लगे रेप का आरोप झूठा व बेबुनियाद है, यूवक को दी जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने 40 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार 23 वर्षीय सोशल मीडिया इंफ्ल्यूएन्सर को जमानत दे दी है. कोर्ट ने कहा कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप पहली नजर में झूठे और बेबुनियाद लग रहा है.

Supreme Court
Edited by Vaibhav Gupta

सुप्रीम कोर्ट ने 40 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार 23 वर्षीय सोशल मीडिया इंफ्ल्यूएन्सर को जमानत दे दी है. जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस प्रशांत किशोर मिश्रा की पीठ के मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप पहली नजर में झूठे और बेबुनियाद लग रहा है.

कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि नोटिस जारी होने के बावजूद शिकायतकर्ता अदालत में पेश नही हो रही है.

आरोपी को लंबे समय तक जेल में रखना उचित नहीं

कोर्ट ने कथित आरोपी की ओर से पेश वकील की ओर से दी गई दलीलों पर सहमति जताते हुए कहा कि आरोपी को लंबे समय तक जेल में रखना उचित नहीं है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जमानत पर रहने के दौरान वह जांच में सहयोग करेगा और किसी भी तरह से सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेगा.

मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने कोर्ट की बताया कि यह रिश्ता सहमति से बना था. इससे पहले आरोपी को अंतरिम जमानत देते हुए कोर्ट ने कहा था कि नौ महीने बाद भी इस मामले में अभी तक आरोप तय नही हुआ है.

महिला सात बार जा चुकी थी जम्मू

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि पीड़िता बच्ची नहीं है और एक हाथ से ताली नहीं बजती है. कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान पूछा था कि दिल्ली पुलिस सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर युवक के खिलाफ दुष्कर्म का मामला कैसे दर्ज कर सकती है, जबकि महिला स्वेच्छा उसके साथ गई थी. कोर्ट ने कहा था कि एक हाथ से ताली नहीं बजती. आपने (दिल्ली पुलिस) किस आधार पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 के तहत मामला दर्ज किया है? वह बच्ची नहीं है. 40 साल की महिला है. वे दोनों एक साथ जम्मू गए. आपने धारा 376 क्यों लगाई हैं? यह महिला सात बार जम्मू जाती है और पति को कोई आपत्ति नहीं होती है.

सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा था कि यह अंतरिम जमानत देने का उपयुक्त मामला है, क्योंकि आरोपी नौ महीने से जेल में है और मामले में आरोप तय नहीं हुए हैं. पुलिस की शिकायत के अनुसार महिला पहली बार 2021 में सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपी के संपर्क में आई जब वह अपने कपड़ों के ब्रांड के प्रचार के लिए सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर की तलाश कर रही थी.

प्रचार सामग्री को दिखाया प्रभावशाली

शुरुआती बातचीत के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर प्रचार सामग्री को प्रभावशाली दिखाने के लिए एक आईफोन का अनुरोध किया, जिसे उसने जम्मू में एक एप्पल स्टोर के माध्यम से उपलब्ध कराया. हालांकि आरोपी की ओर से डिवाइस को फिर से बेचने की कोशिश के बाद उनके पेशेवर रिश्ते खराब हो गए. अधिकृत विक्रेता ने 20000 रुपये काटने के बाद महिला के खाते में रुपये वापस कर दिए.

शिकायत में कहा गया कि हालांकि आरोपी ने रुपये वापस करने का वादा किया था, लेकिन कुछ समय बाद महिला ने उससे सभी संबंध खत्म करने का फैसला किया. दर्ज शिकायत में कहा गया है कि दिसंबर 2021 में आरोपी 20 हजार रुपये वापस करने और माफी मांगने के लिए नोएडा में महिला के घर गया था. इसके बाद उसने कनॉट प्लेस एक शूट के लिए राजी कर लिया. इस दौरान कथित तौर पर नशीला पदार्थ मिलाकर मिठाई खिलाई जिससे वह बेहोश हो गई. आरोपी उसे अस्पताल ले जाने के बहाने उसे सुनसान जगह ले जाकर यौन उत्पीड़न किया.

महिला का दावा है कि आरोपी ने उसके पर्स से पैसे चुराए और अश्लील तस्वीरें भी खींच ली.

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-भारत एक्सप्रेस



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