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दिल्ली हाईकोर्ट ने पेरू के पिस्को जीआई अधिकार पर राहत देने से किया इनकार, सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी

दिल्ली हाईकोर्ट ने पेरू दूतावास को पिस्को शराब के जीआई अधिकारों से संबंधित विवाद में फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया है. इस मामले में पेरू की ओर से जीआई पर विशेषाधिकार देने की मांग की गई थी.

Delhi High Court

दिल्ली हाई कोर्ट ने पेरू दूतावास को राहत देने से फिलहाल इनकार कर दिया है. हाई कोर्ट ने पिस्को नामक अंगूर से बनी शराब के जीआई अधिकारों को लेकर चल रहे विवाद के मामले में यह इनकार दिया है. जस्टिस सी. हरिशंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की. बेंच ने यह आदेश दिया है. कोर्ट 15 अक्टूबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. कोर्ट ने कहा कि हमें यह नहीं लगता कि अपूरणीय क्षति होगी. उचित यही है कि अपील पर सुनवाई की जाए. दायर याचिका में 7 जुलाई को दिए गए आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी.

पेरू की ओर से जीआई पर विशेषाधिकार देने की मांग

पिस्को नामक मादक पेय पर पेरू को विशेषाधिकार देने के आदेश को खारिज कर दिया था. कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कर दिया था कि पिस्को नाम का उपयोग दोनों देशों पेरू और चिली द्वारा वैध रूप से किया गया है. इसलिए दोनों को भौगोलिक पहचान के साथ इसका उपयोग करना होगा. मामले की सुनवाई के दौरान पेरू की ओर से पेश वरिष्ठ वकील नीरज किशन कौल ने कहा कि पिस्को पेरू की सांस्कृतिक पहचान और 300 साल की विरासत है. उन्होंने कहा कि 82 देश पिस्को को पेरू का जीआई मानते हैं. केवल भारत ने अलग रुख अपनाया है. यह अपूरणीय क्षति है और हम एक राष्ट्र के रूप में आहत हैं.

बता दें कि पेरू ने 2005 में भारत में पिस्को को जीआई दर्ज कराने के लिए आवेदन किया था. चिली ने आपत्ति जताई कि यह नाम उनके देश के खास इलाकों में बनने वाली शराब के लिए भी इस्तेमाल होता है. वर्ष 2009में जीआई रजिस्ट्रार ने पेरू का दावा स्वीकार किया, लेकिन नाम Peruvian पिस्को करने का निर्देश दिया.

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-भारत एक्सप्रेस



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