दिल्ली हाई कोर्ट से पप्पू यादव को राहत मिली है. कोर्ट ने पप्पू यादव की ओर से दायर याचिका पर केंद्र सरकार को बिना किसी देरी के एक एडिशनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ) उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने यह निर्देश उनकी सुरक्षा बढ़ाने की मांग पर केंद्र सरकार के फैसले तक अस्थायी व्यवस्था के तौर पर दिया है.
नीट पेपर लीक और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खिलाफ संसद भवन परिसर में प्रदर्शन के पप्पू यादव को जान से मारने की धमकी मिली थी. इसके बाद सांसद ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए अर्जी दाखिल किया था.
केंद्र सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि पप्पू यादव के इस आवेदन पर विचार किया जा रहा है और तीन सप्ताह के भीतर इसपर फैसला लेने को कहा है. इसके बाद अदालत ने मामले का निपटारा करते हुए अंतरिम व्यवस्था के रूप में उन्हें तुरंत एक अतिरिक्त पीएसओ देने का आदेश दिया है.
गृह मंत्रालय कर रहा है आवेदन पर विचार- केंद्र
मामले की सुनवाई के दौरान पप्पू यादव की ओर से पेश वरिष्ठ वकील शादान फरासत ने दलील देते हुए कहा कि संसद के बाहर किए गए एक प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन के बाद से सांसद को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही है. उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि इस मामले में गृह मंत्रालय को भी पत्र दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नही की गई, जो संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) का उल्लंघन है.
इसपर केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि गृह मंत्रालय सांसद पप्पू यादव की ओर से दिए गए अर्जी पर विचार कर रहा है और अंतरिम व्यवस्था की जा रही है.
दोनों पक्षों की जिरह के बाद दिए गए फैसले में कोर्ट ने कहा कि पप्पू यादव एक जन प्रतिनिधि और सांसद है. केंद्र सरकार को उनकी सुरक्षा बढ़ानी चाहिए. बता दें कि पप्पू यादव के ऊपर 2 अगस्त को उनके आवास पर हमला किया गया था, जिसमें एक व्यक्ति ने उनके प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उनपर चप्पल फेंका था. हमलावर के पास चाकू भी मिला था. पप्पू यादव के अनुसार 1 अगस्त को उन्हें धमकी दी गई और सार्वजनिक रूप से सर काटने के लिए 51 लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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