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दिल्ली दंगों के आरोपी देवांगना कलिता के मामले में सुप्रीम कोर्ट अगले सप्ताह करेगा सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट दिल्ली दंगा मामले में आरोपी देवांगना कलिता से जुड़े दिल्ली पुलिस के मामले पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली 2020 दंगों के आरोपी देवांगना कलिता के मामले में दिल्ली पुलिस की याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगा. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले पर रोक लगा दिया था. दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट के उस फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसमें 5 जून 2026 को कोर्ट ने मालखाना में रखे दस्तावेजो के निरीक्षण की अनुमति दी थी. जिसपर देवांगना कलिता को भरोसा नही था.

अदालत ने कहा था कि निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 का हिस्सा है और आरोपी को अपने बचाव की तैयारी के लिए ऐसे दस्तावेज देखने का अवसर मिलना चाहिए. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की ओर से दायर याचिका पर देवांगना कलिता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने यह अंतरिम आदेश जारी किया है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने देवांगना कलिता को निर्देश दिया था कि अगर वो चाहे तो मालखाने में जाकर वीडियो रिकॉर्डिंग को देख सकती है. मालखाना पुलिस स्टेशन के अंदर एक सुरक्षित स्टोरेज रूम या वेयरहाउस होता है, जहां फिजिकल सबूत और जब्त की गई प्रॉपर्टी रखी जाती है.

दिल्ली पुलिस ने केस दूसरी बेंच में भेजने की मांग की

दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से गुहार लगाई थी कि दिल्ली दंगे की साजिश की आरोपी देवांगता कलिता से जुड़े मामले को जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की बेंच से हटाकर किसी अन्य बेंच को सौंप दिया जाए. दिल्ली पुलिस ने कहा था कि जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की बेंच ने देवांगता कलिता की याचिका पर सुनवाई पूरी कर 8 जनवरी 2026 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद सभी तक कोई आदेश पारित नही किया गया.

दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने फैसले का हवाला देते हुए कहा था कि फैसला सुरक्षित रखने के तीन महीने के भीतर आदेश नही सुनाता है, तो कोई भी पक्ष केस को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की मांग कर सकता है. सितंबर 2024 में जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट को इस मामले में कोई भी अंतिम आदेश देने से रोक दिया था.

दिल्ली पुलिस का कहना था कि हाई कोर्ट द्वारा ट्रायल कोर्ट के अंतिम फैसले लेने पर लगाई गई इस रोक के कारण मुख्य मुकदमे में काफी देरी हो रही है. इसी देरी का हवाला देकर मामले के अन्य सह-आरोपी भी जमानत की मांग कर रहे हैं. देवांगता कलिता ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शनों की वह वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी है, जिसका इस्तेमाल अभियोजन पक्ष ने उनके खिलाफ सबूत के तौर पर किया है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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