अनुराग ठाकुर.
दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर की ओर से दायर याचिका पर केंद्र सरकार, बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई), भारतीय ओलंपिक संघ और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. यह याचिका बीएफआई के चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामले में दायर की गई है.
जस्टिस मिनी पुष्करणा की बेंच इस मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त 2025 को करेगी. याचिका हिमाचल प्रदेश बॉक्सिंग एसोसिएशन (एचपीबीए) और अनुराग ठाकुर ने मिलकर दायर की थी.
सुप्रीम कोर्ट ने पहले हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के उस स्थगन आदेश को संज्ञान में लिया, जिसमें बीएफआई की चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाई गई थी और मामले को दिल्ली हाई कोर्ट में स्थानांतरित किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर याचिकाओं को एक साथ जोड़ने का निर्णय लिया ताकि परस्पर विरोधी आदेशों से बचा जा सके. सुनवाई के दौरान दलील दी गई कि अनुराग ठाकुर का नामांकन बीएफआई के पूर्व अध्यक्ष अजय सिंह के निर्देश पर बिना सुनवाई के मनमाने ढंग से खारिज कर दिया गया.
इससे पहले, दिल्ली हाई कोर्ट ने 19 मार्च 2025 को दिल्ली एमेच्योर मुक्केबाजी संघ की याचिका पर बीएफआई के 7 मार्च के निर्देश पर रोक लगा दी थी. इस निर्देश में कहा गया था कि केवल बीएफआई की मान्यता प्राप्त इकाइयों के विधिवत निर्वाचित सदस्य ही 28 मार्च को गुरुग्राम में होने वाले चुनावों में अपने राज्यों का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं. यह मामला खेल प्रशासन और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है.
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