आपराधिक मानहानि मामले में कांग्रेस के पूर्व सांसद संदीप दीक्षित द्वारा दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को नोटिस जारी कर 4 दिसंबर तक जवाब मांगा है. जस्टिस रविंदर डुडेजा ने यह नोटिस जारी किया है. दीक्षित ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की है.
राऊज एवेन्यु कोर्ट के चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने कांग्रेस के पूर्व सांसद संदीप दीक्षित द्वारा दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और राज्य सभा सांसद संजय सिंह के खिलाफ दायर मानहानि शिकायत पर समन जारी करने से इनकार कर दिया था. संदीप दीक्षित ने अपनी शिकायत में कहा है कि 26 दिसंबर को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके और कांग्रेस पर मानहानि करने वाले आरोप लगाए थे.
कांग्रेस और संदीप दीक्षित पर करोड़ों लेने का आरोप
सीएम आतिशी और संजय सिंह ने कहा था कि संदीप दीक्षित ने केजरीवाल को हराने के लिए भाजपा से करोड़ो रुपए लिए है और वे बीजेपी के साथ मिलकर आप को हराने की साजिश रचने में शामिल है. संदीप दीक्षित की माने तो सीएम आतिशी और संजय सिंह ने दीक्षित और फरहाद सूरी पर भाजपा से चुनाव लड़ने के लिए करोड़ो रुपया कैश में लेने का आरोप लगाया था. जिसके बाद संदीप दीक्षित ने कहा था कि अगर मैंने भाजपा से करोड़ो रूपये कैश में लिए तो मैं अपराधी हूं. उन्होंने कहा कि सीएम और संजय सिंह द्वारा लगाए गए आरोप झूठा और निराधार है.
संदीप दीक्षित ने यह भी कहा था कि उनके ऊपर केस दर्ज होना चाहिए, सीबीआई और ईडी की रेड पड़नी चाहिए. दीक्षित ने कहा था कि यदि उन्हें यह राशि प्राप्त होती है, तो वह इसे यमुना की सफाई और दिल्ली प्रदूषण मुक्त बनाने के प्रयासों में लगाएंगे.
पुराने भ्रष्टाचार आरोपों का जिक्र
संदीप दीक्षित ने कहा था कि 10 से 12 साल पहले अरविंद केजरीवाल ने शीला दीक्षित सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, लेकिन सरकार में आने के बाद एक भी सबूत नही दिया. इससे पहले संदीप दीक्षित की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और राज्य सभा सांसद संजय सिंह के खिलाफ दायर सिविल मानहानि से संबंधित याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था.
ये भी पढ़े: मिलिट्री ट्रेनिंग में दिव्यांग हुए कैडेट्स पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से जवाब तलब
भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

