Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

मिलिट्री ट्रेनिंग में दिव्यांग हुए कैडेट्स पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से जवाब तलब

सुप्रीम कोर्ट ने सैन्य प्रशिक्षण के दौरान दिव्यांग हुए कैडेट्स के लिए बीमा और मुआवजे की कमी पर गंभीर सवाल उठाए हैं. कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि ऐसे कैडेट्स के पुनर्वास और इलाज की उचित व्यवस्था क्यों नहीं है.

Telangana News, Supreme Court, OBC Reservation

मिलिट्री ट्रेनिंग के दौरान विकलांग हुए कैडेट्स को बाहर किए जाने और बीमा से संबंधित मामले में लिए गए स्वतः संज्ञान पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि इन कैडेट्स के लिए बीमा, मुआवजा और पुनर्वास जैसी सुविधाएं क्यों नहीं है. जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने केंद्र सरकार से पूछा की क्या ऐसे कैडेट्स के लिए बीमा योजना शुरू की जा सकती है. कोर्ट 4 सितंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.

इलाज और सहायता पर जोर

कोर्ट ने सरकार से दिव्यांग हो चुके कैडेट सहायता राशि देने, ईलाज का खर्च उठाने और स्थिति सुधरने पर सेना में उपयुक्त पद देने पर विचार करने को कहा है. साथ ही कोर्ट ने भविष्य में सभी कैडेट को ग्रुप इंश्योरेंस के दायरे में लाने का भी सुझाव दिया है.

बता दें कि कैडेट्स को फिलहाल 40 हजार रुपए तक का सहानुभूति राशि दिया जाता है, जो कि उनकी चिकित्सा जरूरतों के लिए काफी कम है. कोर्ट ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से सहानुभूति राशि बढ़ाने पर विचार करने को कहा है, ताकि घायल कैडेट्स सही इलाज करा सके. यह मामला 12 अगस्त को तब दर्ज किया गया था, जब एक मीडिया रिपोर्ट में इन कैडेट्स के मुद्दे को उठाया गया था.

एनडीए और आईएमए के कैडेट्स प्रभावित

ये कैडेट कभी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय सैन्य अकादमी जैसे देश के शीर्ष सैन्य संस्थानों में प्रशिक्षण का हिस्सा थे. रिपोर्ट के मुताबिक 1985 से लेकर अभी तक 500 सेना अधिकारी कैडेट्स प्रशिक्षण के दौरान दिव्यांग हो चुके है, जिन्हें चिकित्सीय आधार पर बाहर कर दिया गया. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अकेले एनडीए में ही लगभग 20 ऐसे कैडेट्स हैं जिन्हें जुलाई 2025 के बीच पांच साल में ही छुट्टी दे दी गई.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक पूर्व सैनिक का दर्जा पाने के हकदार नहीं है, जिससे वे पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना के तहत सैन्य सुविधाओं के पात्र हो जाते है, जबकि उनकी विकलांगता, अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त करने से पहले प्रशिक्षण के दौरान हुई थी.

ये भी पढ़े: दिल्ली की बारिश पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI ने कहा दो घंटे की बारिश से राजधानी लकवाग्रस्त

भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital