FSSAI Ban On Dabur: डाबर इंडिया लिमिटेड को दिल्ली हाईकोर्ट से शुक्रवार को एक बड़ी कानूनी और अंतरिम राहत मिली है. अदालत ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के उस आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है, जिसके तहत कंपनी को अपने कई प्रमुख खाद्य उत्पादों की बिक्री तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया गया था.
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अमित महाजन की एकल पीठ ने कहा कि डाबर को सुनवाई का उचित अवसर दिए बिना इस तरह का सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश पारित नहीं किया जाना चाहिए था.
‘प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन’
अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और खाद्य नियामक FSSAI को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त 2026 को तय की गई है.
सुनवाई के दौरान डाबर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने तर्क दिया कि कंपनी दशकों से इन उत्पादों को बेच रही है. उन्होंने कहा कि FSSAI का यह आदेश प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है, क्योंकि कंपनी को कोई कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किए बिना ही सीधे बिक्री पर रोक लगा दी गई थी. वहीं FSSAI की ओर से पेश वकील ने कहा कि प्रतिबंध से पहले कंपनी को सुधार संबंधी नोटिस दिया गया था.
क्या था पूरा विवाद?
इससे पहले FSSAI ने डाबर के उन खाद्य उत्पादों पर कड़ा एक्शन लिया था जिन पर “100% प्राकृतिक”, “100% शुद्ध”, “100% शुद्धता की गारंटी”, “100% ऑर्गेनिक” और “100% टेंडर नारियल पानी” जैसे दावे अंकित थे.
खाद्य नियामक का कहना था कि यह दावे अस्पष्ट, असत्यापित और उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले हैं, जो खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विज्ञापन तथा दावे) विनियम, 2018 का उल्लंघन करते हैं. इसके अलावा FSSAI ने डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गेनिक हनी पर ‘जैविक भारत’ लोगो के इस्तेमाल पर भी यह कहते हुए आपत्ति जताई थी कि इनके पास वैध ऑर्गेनिक अनुमोदन नहीं है. दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा FSSAI के आदेश पर रोक लगाए जाने के बाद अब अगली सुनवाई (24 अगस्त) तक डाबर अपने इन उत्पादों की बिक्री पूर्ववत जारी रख सकेगी.
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