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Delhi Riots 2020: राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कानून मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुनः जांच के आदेश दिए

दिल्ली दंगा 2020 मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पुनः जांच का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि उनके खिलाफ संज्ञेय अपराध की जांच जरूरी है.

Kapil Mishra, Delhi Riots 2020

कपिल मिश्रा

Prashant Rai Edited by Prashant Rai

Delhi Riots 2020: दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने वर्ष 2020 में हुए दंगा मामले में दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पुनः जांच का आदेश दिया है. चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा पेश की गई सामग्री के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि कपिल मिश्रा की उपस्थिति कर्दमपुरी इलाके में थी. कोर्ट ने माना कि यह एक संज्ञेय अपराध है, जिसकी जांच की जानी चाहिए.

याचिकाकर्ता ने किन लोगों पर एफआईआर की मांग की थी?

दिल्ली के यमुना विहार निवासी मोहम्मद इलियास ने अदालत में याचिका दायर कर कपिल मिश्रा, दयालपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी, भाजपा विधायक मोहन सिंह विष्ट, पूर्व भाजपा विधायक जगदीश प्रधान और सतपाल सहित पांच अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया था.

इस मामले की सुनवाई के बाद अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने 27 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को आदेश दिया है कि वह इस मामले की दोबारा जांच करे.

दिल्ली पुलिस ने कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर का विरोध किया

हालांकि, दिल्ली पुलिस ने बीजेपी नेता और दिल्ली सरकार के कानून मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग का विरोध किया. पुलिस की ओर से पेश विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद ने कोर्ट में कहा कि कपिल मिश्रा को इस मामले में फंसाया जा रहा है और दिल्ली दंगों में उनकी कोई भूमिका नहीं थी.

याचिकाकर्ता के आरोप क्या हैं?

मोहम्मद इलियास ने अपनी याचिका में दावा किया कि 23 फरवरी 2020 को उन्होंने कर्दमपुरी इलाके में कपिल मिश्रा और उनके साथियों को सड़क जाम करते हुए देखा था. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान रेहड़ी-पटरी वालों की गाड़ियां तोड़ी गईं. याचिकाकर्ता के अनुसार, मौके पर तत्कालीन उत्तर-पूर्वी दिल्ली के डिप्टी पुलिस कमिश्नर और दिल्ली पुलिस के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे. इलियास का आरोप है कि कपिल मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों को जगह खाली करने या परिणाम भुगतने की धमकी दी थी.

पुलिस ने कपिल मिश्रा को क्लीन चिट देने की दलील दी

विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद ने कोर्ट में कहा कि दंगों के पीछे की बड़ी साजिश की पहले ही जांच की जा चुकी है, और इसमें जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद सहित अन्य छात्र कार्यकर्ताओं की भूमिका पाई गई थी.

उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली प्रोटेस्ट स्पोर्ट (DPSG) ग्रुप की चैट से यह साफ हुआ है कि 15 से 17 फरवरी 2020 के बीच चक्का जाम की योजना पहले ही बनाई जा चुकी थी. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि कपिल मिश्रा पर दोष मढ़ने की साजिश रची गई थी.


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-भारत एक्सप्रेस



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