साल 2020 में हुए दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ऑफिसर अंकित शर्मा मौत मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ताहिर हुसैन सहित 5 लोगो की सजा पर 14 जुलाई को तय होगा कि कब सजा पर बहस होगी. इसको लेकर 14 जुलाई को तारीख तय करेगा.
कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन, नाजिम, काशिम, अनस और जावेद को आईपीसी की धारा 302, 188,153 A, 147, 148, 149 और 365 के तहत दोषी करार दिया. साथ ही कोर्ट ने आईपीसी की धारा 120B और 129 के तहत अपराधों से बरी कर दियाइस मामले में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित 11 आरोपियों के सजा पर बहस के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.
अंकित शर्मा की हत्या फरवरी 2020 में उस समय हुई थी, जब उत्तर-पूर्वी दिल्ली साम्प्रदायिक हिंसा की चपेट में था. अंकित शर्मा की हत्या के बाद उनके शव को एक नाले से बरामद किया गया था, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. इस मामले में अंकित शर्मा के पिता की शिकायत पर दयालपुर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी.
क्या है आरोप?
मामले की जांच और अदालत में पेश किए गए दस्तवेज़ों के अनुसार, 25 फरवरी 2020 की शाम चांद बाग पुलिया के पास दंगाई भीड़ ने अंकित शर्मा को घेर लिया था. आरोप है कि भीड़ उन्हें जबरन खींचकर ले गई और उन पर बेरहमी से हमला किया गया. इस हत्या में उनके परिवार ने तत्कालीन आप पार्षद ताहिर हुसैन पर आरोप लगाया था.
इसी वजह से ताहिर हुसैन को आप से निकाल दिया गया था और दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था. दिल्ली पुलिस ने दाखिल चार्जशीट में कई अहम खुलासे किए गए है. दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच द्वारा दाखिल चार्जशीट में ताहिर हुसैन सहित 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने इस मामले में सलमान को मुख्य आरोपी बनाया है.
क्या है पूरा मामला?
चार्जशीट के मुताबिक आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा हत्या के लिए साजिश रची गई थी. अंकित शर्मा के नेतृत्व में भीड़ ने खास तौर पर टारगेट किया. खजूरी खास इलाके में ताहिर हुसैन के घर के बाहर वारदात हुई. शर्मा की हत्या के बाद भीड़ ने एक नाले में लाश को फेंक दी.
पुलिस का दावा था कि उनके पास इस बात के सबूत है कि कुछ लोग लाश नाले में फेंक रहे है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ, कि अंकित शर्मा की हत्या तेज धारदार वाले हथियार से की गई. ताहिर हुसैन पर दिल्ली दंगा की साजिश रचने का आरोप है.
साल 2020 फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में ये दंगे हुए थे, जिसमें 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे. ताहिर हुसैन पर दंगे भड़काने और उनकी फंडिंग सहित अन्य आरोप है.
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-भारत एक्सप्रेस
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