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दिल्ली दंगे की आरोपी देवांगना कलिता को हाई कोर्ट से झटका, ट्रायल कोर्ट में आरोप तय करने पर लगी रोक हटी

दिल्ली हाई कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगे की आरोपी देवांगना कलिता की याचिका खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट में आरोप तय करने पर लगी रोक को हटा लिया है. जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने दिल्ली पुलिस की दलीलों के बाद अपना पुराना आदेश वापस लिया.

Delhi Riots Case High Court Rejects Devangana Kalita Plea Stay Lifted
Edited by Vaibhav Gupta

दिल्ली 2020 दंगों के आरोपी देवांगना कलिता को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में ट्रायल कोर्ट को आरोप तय करने पर फाइनल ऑर्डर पास करने से रोकने वाले अपने आदेश को वापस ले लिया है. जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने पिंजरा तोड़ एक्टिविस्ट देवांगना कलिता की अर्जी खारिज करते हुए अपने पहले आदेश को वापस लिया है.

पुलिस ने लगाई गुहार

कोर्ट ने देवांगना कलिता को निर्देश दिया है कि अगर वो चाहे तो मालखाने में जाकर वीडियो रिकॉर्डिंग को देख सकती है. मालखाना पुलिस स्टेशन के अंदर एक सुरक्षित स्टोरेज रूम या वेयरहाउस होता है, जहां फिजिकल सबूत और जब्त की गई प्रॉपर्टी रखी जाती है. दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से गुहार लगाई थी कि दिल्ली दंगे की साजिश की आरोपी देवांगता कलिता से जुड़े मामले को जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की बेंच से हटाकर किसी अन्य बेंच को सौंप दिया जाए.

दिल्ली पुलिस ने कहा था कि जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की बेंच ने देवांगता कलिता की याचिका पर सुनवाई पूरी कर 8 जनवरी 2026 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. लेकिन कई महीने बीत जाने के बावजूद सभी तक कोई आदेश पारित नही किया गया.

आदेश देने से ट्रायल कोर्ट पर रोक

दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने फैसले का हवाला देते हुए कहा था कि फैसला सुरक्षित रखने के तीन महीने के भीतर आदेश नहीं सुनाता है, तो कोई भी पक्ष केस को दूसरी बेंच में ट्रांसफर करने की मांग कर सकता है. सितंबर 2024 में जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट को इस मामले में कोई भी अंतिम आदेश देने से रोक दिया था.

दिल्ली पुलिस का कहना था कि हाई कोर्ट द्वारा ट्रायल कोर्ट के अंतिम फैसले लेने पर लगाई गई इस रोक के कारण मुख्य मुकदमे में काफी देरी हो रही है. इसी देरी का हवाला देकर मामले के अन्य सह-आरोपी भी जमानत की मांग कर रहे हैं.

देवांगता कलिता ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शनों की वह वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी है, जिसका इस्तेमाल अभियोजन पक्ष ने उनके खिलाफ सबूत के तौर पर किया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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