DHFL Bank Loan Scam: करोड़ों रुपये के बैंक ऋण घोटाला मामले में DHFL के पूर्व प्रमोटर धीरज वधावन की जमानत रद्द करने की सीबीआई की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है. सीजेआई संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की पीठ ने धीरज वधावन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट अप्रैल के अंतिम सप्ताह में इस मामले की सुनवाई करेगा.
मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कोर्ट को बताया कि धीरज वधावन 45 वर्षीय व्यक्ति हैं और उन्हें कोई गंभीर बीमारी नहीं है. एएसजी एसवी राजू ने यह भी कहा कि वधावन एक संपन्न व्यक्ति हैं और उन्होंने निजी अस्पतालों से रिपोर्ट हासिल कर राहत प्राप्त की है. साथ ही, भारी मात्रा में पैसों का गबन किया गया है.
अभिषेक मनु सिंघवी ने सीबीआई की दलीलों का किया विरोध
धीरज वधावन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सीबीआई की दलीलों का विरोध किया. उन्होंने कहा कि वधावन को गुर्दे, रीढ़ और हृदय संबंधी समस्याएं हैं. दिल्ली हाई कोर्ट ने 9 सितंबर 2024 को धीरज वधावन को चिकित्सा आधार पर जमानत देते हुए कहा था कि वह एक बीमार व्यक्ति के मानदंडों के अंतर्गत आते हैं.
डीएचएफएल मामला भारत में सबसे बड़े बैंकिंग धोखाधड़ी मामलों में से एक है. इसमें 34 हजार करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी का आरोप है. वधावन बंधुओं को इस मामले में जुलाई 2022 में गिरफ्तार किया गया था. सीबीआई ने अक्टूबर 2022 में इस मामले में चार्जशीट दाखिल की थी.
ये भी पढ़ें- Delhi air pollution: दिल्ली-NCR में फिर बिगड़ी हवा की गुणवत्ता, GRAP स्टेज-1 लागू
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



