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निवेशकों के पैसों से खरीदा बंगला और लग्जरी गाड़ियां, करोड़ों के पोंजी घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मंगलुरु सब-जोनल कार्यालय ने बहु-राज्यीय और करोड़ों रुपये की पोंजी-स्टाइल निवेश योजना से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शिवानंद सिद्धप्पा नीलन्नावर को गिरफ्तार किया है.

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मंगलुरु सब-जोनल कार्यालय ने बहु-राज्यीय और करोड़ों रुपये की पोंजी-स्टाइल निवेश योजना से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शिवानंद सिद्धप्पा नीलन्नावर को गिरफ्तार किया है. ईडी ने उन्हें 13 अगस्त 2026 को पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया.

इसके बाद उन्हें मंगलुरु की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने शिवानंद को 24 अगस्त तक के लिए रिमांड पर भेज दिया है. ईडी के मुताबिक, शिवानंद सिद्धप्पा नीलन्नावर शिवम एसोसिएट्स के फंड फ्लो को नियंत्रित करने वाला मुख्य व्यक्ति था. जांच की शुरुआत बेलगावी सिटी के मलामारुथी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी.

एफआईआर में आरोप है कि लोगों को असामान्य रूप से ज्यादा और गारंटीड रिटर्न का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित किया गया. जांच में ईडी ने दावा किया है कि शिवम एसोसिएट्स ने कथित तौर पर कर्नाटक, महाराष्ट्र, गोवा और छत्तीसगढ़ में नेटवर्क फैलाकर करीब ₹2,110.97 करोड़ की रकम निवेशकों से जुटाई. निवेशकों को हर महीने 3 प्रतिशत तक रिटर्न देने का वादा किया गया था.

निवेशकों को जोड़ने के लिए डिजिटल मैपिंग सिस्टम और रेफरल नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया, जबकि स्वतंत्र सलाहकारों को नए निवेश लाने पर 0.5 प्रतिशत तक रेफरल कमीशन दिया जाता था.

ईडी की जांच के अनुसार, कंपनी को 2019 से शेयर बाजार में लगातार भारी नुकसान हो रहा था. इसके बावजूद निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए नए निवेशकों से मिली रकम का इस्तेमाल पुराने निवेशकों के ब्याज और भुगतान की देनदारियों को पूरा करने में किया गया.

पोंजी-स्टाइल नेटवर्क में फंड के दुरुपयोग का आरोप

जांच एजेंसी ने इसे पोंजी-स्टाइल व्यवस्था का हिस्सा बताया है. जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि रकम को कई व्यक्तिगत खातों, परिवार के सदस्यों और संबंधित कंपनियों के जरिए अलग-अलग स्तरों पर ट्रांसफर और इस्तेमाल किया गया. इनमें शिवम सेवा (ओपीसी)प्राइवेट लिमिटेड और शिवम प्रोडक्शन का नाम भी शामिल है.

ईडी के मुताबिक, कथित तौर पर इस रकम से लग्जरी गाड़ियां खरीदी गईं, महंगे बंगले और संपत्तियां बनाई गईं तथा फिल्म निर्माण में भी पैसा लगाया गया.

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-भारत एक्सप्रेस



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