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20 राज्यों में 330 पीड़ित और 417 करोड़ का सिंडिकेट, ईडी ने फहीम और नईम को किया गिरफ्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गोवा में डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी मामले में फहीम और नईम सैयद को गिरफ्तार किया है. कोर्ट ने दोनों को 29 अगस्त तक ईडी रिमांड पर भेजा.

Enforcement Directorate ED

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गोवा के चर्चित डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) साइबर ठगी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ईडी ने इस सिंडिकेट से जुड़े फहीम मोइन हुसैन सैयद और नईम मुईन सैयद को अपनी हिरासत में लिया है. गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को गोवा की निचली अदालत में पेश किया गया, जहाँ से कोर्ट ने दोनों को 29 अगस्त 2026 तक के लिए ईडी की रिमांड पर भेज दिया है.

उत्तरी गोवा साइबर थाने में दर्ज FIR

यह पूरा मामला उत्तरी गोवा के साइबर क्राइम पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी (FIR) से जुड़ा है. जांच एजेंसी के अनुसार, साइबर जालसाजों ने एक महिला को वीडियो कॉल के जरिए लगातार डिजिटल निगरानी में रखकर यह विश्वास दिलाया कि वह किसी बेहद गंभीर आपराधिक मामले में जांच के दायरे में है.

इसी कथित डिजिटल अरेस्ट और कानूनी कार्रवाई के डर का फायदा उठाकर जालसाजों ने 21 मई से 2 जून 2025 के बीच पीड़िता से करीब ₹2.60 करोड़ की भारी रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली. ठगों ने इन बैंक खातों को कथित तौर पर ‘सीक्रेट सुपरविजन अकाउंट्स’ (Secret Supervision Accounts) बताया था, जहाँ जांच पूरी होने तक पैसे सुरक्षित रखने का दावा किया गया था.

400 से अधिक खातों का जाल

ईडी की वित्तीय जांच में सामने आया कि ठगी की इस रकम को एक सुव्यवस्थित और संगठित नेटवर्क के जरिए ठिकाने लगाया गया. ठगी की राशि को पहले 400 से अधिक लाभार्थी (Beneficiary) बैंक खातों में विभाजित कर घुमाया गया. इसके लिए कैश निकासी, सेल्स चेक और पेमेंट गेटवे का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया. इसके बाद रकम को नकद में बदला गया और बाद में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से लाइसेंस प्राप्त आधिकारिक ‘मनी चेंजर्स’ (Money Changers) के जरिए विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) में परिवर्तित कर बाहर भेजा गया.

20 राज्यों में 330 शिकार

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस सिंडिकेट से जुड़ी संस्थाओं और बैंक खातों के खिलाफ देश भर में बड़े पैमाने पर शिकायतें दर्ज हैं. देश के 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 330 पीड़ितों ने इस नेटवर्क के खिलाफ साइबर शिकायतें दर्ज कराई हैं. इस पूरे गिरोह से कुल 163 एफआईआर को जोड़ा गया है. जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा वित्तीय फ्रॉड सिंडिकेट कुल ₹417.49 करोड़ का बताया गया है. मुंबई और गोवा में छापेमारी में 3.25 करोड़ कैश बरामद कर 30 करोड़ के खाते फ्रीज किए गए हैं.

छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को कई सफलताएं मिली हैं. इसमें 3.25 करोड़ नकद की सीधी जब्ती, सिंडिकेट से जुड़े बैंक खातों में मौजूद 30 करोड़ से अधिक का बैलेंस फ्रीज किया गया और कई डिजिटल उपकरण, लैपटॉप, मोबाइल फोन, अकाउंट बुक और अन्य अहम वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं, जिनकी तकनीकी व फॉरेंसिक जांच जारी है.



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