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जेपी ग्रुप पर ईडी का बड़ा एक्शन, 100 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां अटैच

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जेपी ग्रुप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जेसी वर्ल्ड और इन्वेस्टर्स क्लिनिक की करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं. यह कार्रवाई जेपी विशटाउन और जेपी ग्रीन्स के होमबायर्स के फंड डायवर्जन मामले में की गई है.

ED Images

जेपी ग्रुप के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 100 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है. ईडी ने जिन संपत्तियों को अटैच किया है, इनमें जेसी वर्ल्ड हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड की लगभग 40 करोड़ रुपए और इन्वेस्टर्स क्लिनिक इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड की करीब 60 करोड़ रुपए की संपत्ति शामिल है. यह कार्रवाई ईओडब्ल्यू (EOW) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने की है. ईओडब्ल्यू ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं.

होमबायर्स के पैसों को दूसरी कंपनियों में किया गया डायवर्ट: ईडी जांच

आरोप है कि जेपी विशटाउन (Wishtown) और जेपी ग्रीन्स परियोजनाओं के हजारों होमबयर्स से जुटाई गई रकम का निर्माण कार्य के बजाय अन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया गया, जिससे परियोजनाएं अधूरी रह गईं. ईडी जांच में यह सामने आया है कि होमबयर्स से मिले लगभग 32,825 करोड़ रुपए में से एक बड़ा हिस्सा दूसरी कंपनियों में डायवर्ट किया गया. जांच में यह भी सामने आया है कि इससे कमाई गई प्रॉपर्टी पीओसी (POC) जमीन के रूप में इन्वेस्टर्स क्लिनिक इंफ्राटेक में पार्क की गई थी.

एमडी मनोज गौर की भूमिका और पहले हुई संपत्तियों की कुर्की

इस मामले में जेपी ग्रुप के एमडी मनोज गौर पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं. ईडी के मुताबिक जांच के दौरान यह भी पाया गया है कि जेपी इंफ्राटेक और जयप्रकाश एसोसिएट्स के प्रबंध निदेशक मनोज गौर ने कथित रूप से पैसों के डायवर्जन और उससे जुड़े लेनदेन की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई है. इससे पहले ईडी ने जयप्रकाश सेवा संस्थान और पेज 3 बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड की करीब 400 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को अस्थायी तौर पर अटैच किया था.

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पीएमएलए कोर्ट में आरोपी बनाए गए बिल्डर्स, जांच अभी भी जारी

यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत की गई है. मामला जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड, जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड और उनसे जुड़ी कंपनियों में हो रहे बड़े पैमाने पर फंड डायवर्जन और होमबायर्स से धोखाधड़ी से जुड़ा है. 8 जनवरी 2026 को एजेंसी ने राऊज एवेन्यु कोर्ट के विशेष पीएमएलए कोर्ट में आरोपी बनाया है. ईडी के मुताबिक इस मामले में अभी भी जांच जारी है, और इससे संबंधित अन्य लोगों की भूमिका की तलाश की जा रही है.



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