Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (आरएएजी) के पूर्व एमडी सतीश सेठ से लगातार दूसरे दिन पूछताछ जारी

रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (आरएएजी) के पूर्व एमडी सतीश सेठ को मनी लॉन्ड्रिंग के कथित मामले में ईडी ने रिमांड पर लिया है.

रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (आरएएजी) के पूर्व एमडी सतीश सेठ की परेशानी काम होने का नाम नही ले रहा है. ईडी दूसरे दिन भी सतीश सेठ से लगातार पूछताछ कर रही है. पिछले दिनों द्वारका कोर्ट ने 6 दिन के लिए ईडी रिमांड पर भेज दिया था. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अपराध से मिली रकम के असली लाभार्थियों की पहचान करने और पैसे के पूरे लेन देन का पता लगाने के लिए उनकी कस्टडी में पूछताछ जरूरी है.

यही कहते हुए कोर्ट ने उन्हें 6 दिन के लिए ईडी रिमांड पर भेज दिया. मामले की सुनवाई के दौरान ईडी ने कोर्ट को बताया कि सतीश सेठ समूह के शीर्ष पद पर रहते हुए वित्तीय और व्यावसायिक फैसलों पर नियंत्रण रखते थे और फंड के रूटिंग व लेनदेन की संरचना में उनकी अहम भूमिका रही है. वही बचाव पक्ष की ओर से पेश वकील ने गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए कहा कि ईडी ने कानून के प्रावधानों का पालन नहीं किया है और सेठ पहले भी जांच में सहयोग करते रहे है.

दोनों पक्षो की जिरह के बाद अदालत ने 19 जून तक के लिए रिमांड पर भेज दिया. मनी लॉन्ड्रिंग के कथित मामले में गिरफ्तार सेठ पर आरोप है कि उन्होंने ज्यादा कीमत पर डायमंड इंपोर्ट दिखाकर फर्जी बिल बनाये और हवाला के जरिये पैसे को विदेश भेजे. जांच में सामने आया है कि जयपुर रींगस और त्रिची-करूर टोल रोड परियोजनाओं से.सार्वजनिक धन को योजनाबद्ध तरीके स्व बाहर भेजे. आरोप है कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (आरआईएल) ने शेल कम्पनियों के इस्तेमाल किया गया.

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में करीब 100 करोड़ रुपये की हेराफेरी का खुलासा

कुल मिलाकर करीब 100 करोड़ रुपए की हेराफेरी की बात सामने आई है. इससे पहले कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत गिरफ्तार रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के पूर्व डायरेक्टर गौतम बी. दोषी को 18 जून के लिए ईडी रिमांड पर भेज दिया था. मामले की सुनवाई के दौरान ईडी ने कोर्ट को बताया कि गौतम दोषी रिलायंस एडीए ग्रुप में महत्वपूर्ण प्रबंधन और वित्तीय जिम्मेदारियां संभालते थे. वे समूह के मैनेजिंग डायरेक्टर में से एक रहे,  रिलायंस टेलीकॉम के निदेशक और ऑडिट कमेटी के सदस्य थे.

जांच में यह भी सामने आया है कि दोषी 105 समूह इकाइयों के 161 बैंक खातों पर बैंकिंग अधिकार रखते थे और विदेशी वित्तीय व्यवस्थाओं, एफसीसीबी जारी करने, विदेशी बैंक खातों तथा ऑफशोर कॉपोरेट संरचनाओं से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी संभालते थे. सीबीआई ने कहा था, एसबीआई उन 11 बैंकों के समूह का हिस्सा था, जिन्होंने रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को कुल 735 करोड़ रुपए का कर्ज देने की मंजूरी दी थी.

सीबीआई ने रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड, पूर्व डारेक्टर सतीश सेठ, पूर्व डायरेक्टर गौतम बी. दोषी, कुछ सरकारी कर्मचारियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ साजिश, आईपीसी की विभिन्न धाराओं जिनमें धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत आपराधिक कदाचार और आधिकारिक पद के दुरुपयोग के अपराधों के लिए मामल दर्ज किया था. माना जा रहा है कि ईडी ने सीबीआई की इस शिकायत का संज्ञान लेकर बैंक लोन धोखाधड़ी के इस मामले में सेठ और दोषी की भूमिका की जांच शुरू की है.

ये भी पढ़ें- दिल्ली दहलाने की थी साजिश, ISI और दाऊद नेटवर्क के चार गुर्गे 22 जून तक जेल भेजे गए

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital