मशहूर अभिनेता आलोक नाथ को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. सागा ग्रुप घोटाला मामले में दर्ज एफआईआर पर दंडात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दिया है.
कोर्ट ने राज्य सरकार सहित अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस बी. वी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की पीठ ने यह आदेश दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस बी. वी नागरत्ना ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आप वरिष्ठ नागरिकों को ब्रांड एम्बेसडर बनाते है, आप उनके बुढ़ापे का फायदा उठा रहे है.
कौन है आलोक नाथ?
सुनवाई के दौरान आलोक नाथ का जैसे ही नाम सामने आया तो जस्टिस नागरत्ना ने पूछा ये कौन है? कोई फिल्म स्टार हैं? इस पर वकील ने कोर्ट को बताया कि वे फिल्म अभिनेता हैं और इससे पहले अभिनेता श्रेयस तलपड़े को भी इसी मामले में अदालत से राहत मिली हुई है. जिसके बाद कोर्ट ने लंबित याचिका के साथ आलोक नाथ की याचिका को भी टैग कर दिया.
निवेशकों से करोड़ों रुपए ठगने मामला
कोर्ट अब दोनों मामलों में एक साथ सुनवाई करेगा. आलोक नाथ की ओर से दायर याचिका में गुहार लगाई है कि इस मामले में अलग-अलग दर्ज एफआईआर को एक जगह ट्रांसफर किया जाए. याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि यह मामला करीब 10 साल पुराना है, इस मामले में अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर उन्हें परेशान किया जा रहा है.
यह मामला कथित तौर पर क्रेडिट कोऑपरेटिव स्कीम के जरिए निवेशकों से करोड़ों रुपए ठगने से जुड़ा है. आलोक नाथ और श्रेयस तलपड़े और एक क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी के 5 सदस्यों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के लखनऊ के गोमती नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है.
दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि 7 आरोपियों ने कथित तौर पर 45 निवेशकों से 9.12 करोड़ रुपये ठगे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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