पूरे देश में गुरु गोविंद सिंह जयंती के दिन सार्वजनिक छुट्टी घोषित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है. यह याचिका सिख संगठन अखिल भारतीय शिरोमणि सिंह सभा ने दायर की थी. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि विस्तृत आदेश बाद में पारित करेंगे. जस्टिस मेहता ने टिप्पणी करते हुए कहा कि “मेरे चाचा, जो राजस्थान के एक प्रसिद्ध वकील थे, कहा करते थे कि भारत छुट्टियों का पवित्र देश है. कृपया इसमें और इजाफा न करें”.
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने स्पष्ट किया कि वह अवकाश घोषित करने पर जोर नहीं दे रहे थे, बल्कि उनकी मुख्य मांग यह थी कि सार्वजनिक अवकाश तय करने की प्रक्रिया में कुछ स्पष्टता और निश्चिंतता होनी चाहिए. इस पर अदालत ने कहा कि जीवन में कई प्रकार की अनिश्चितता होती है.
सार्वजनिक अवकाश के लिए कोई ठोस कानून नहीं
याचिका में कहा गया था कि राजनीतिक दलों द्वारा अपने हितों और फायदे के लिए इस नीति का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. दायर याचिका में कहा गया था कि भारत में साप्ताहिक अवकाश अधिनियम 1942 को छोड़कर कोई सार्वजनिक अवकाश अधिनियम नहीं है. साप्ताहिक अवकाश अधिनियम, साप्ताहिक अवकाश प्रदान करता है. वहीं न्यूजीलैंड, यूनाइटेड किंगडम और यूएसए जैसे देशों में छुट्टियां कानून द्वारा तय की जाती हैं.
याचिका में कहा गया था कि 10वें सिख गुरु गोविंद सिंह को महत्वपूर्ण देशभक्त और ऐतिहासिक शख्सियत के रूप में जाना जाता है.
इसके बावजूद अभी तक देशभर में उनकी जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित नहीं किया गया है, जबकि सिख धर्म दुनिया का पांचवा सबसे बड़ा धर्म है. याचिका में यह भी कहा गया था कि गुरु गोविंद सिंह की जयंती को पूरे देश में प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाना चाहिए, ताकि लोगों में देशभक्ति, राष्ट्रवाद और भाई चारे की भावना पैदा हो सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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