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संगठित अपराध के मामले में गिरफ्तार हासिम बाबा सहित अन्य को दिल्ली हाई कोर्ट से नही मिली राहत

दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनील जैन हत्याकांड में आरोपी अनवर खान व अन्य की दोबारा गिरफ्तारी को सही ठहराते हुए कहा कि तकनीकी खामियों को दूर करने के बाद गिरफ्तारी पर कोई रोक नहीं लगाई जा सकती.

Delhi High Court
Edited by Radha Priya

Delhi High Court ने संगठित अपराध गिरोह के कथित सदस्यों की ओर से दायर याचिका पर खारिज कर दिया है. यह याचिका अनवर खान, हासिम बाबा, समीर और जोया खान की ओर से दायर की गई थी.

कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि पहली गिरफ्तारी के दौरान पुलिस की प्रक्रियात्मक चूक, कानूनी जरूरतों को पूरा होने के बाद दोबारा गिरफ्तार किया जाता है तो उसपर कोई रोक नही हैं.

जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि अगर ऐसी खामियों को दूर करने के बाद किसी आरोपी को दोबारा गिरफ्तार किया जाता है, तो वह सही है. आरोपियों की ओर से 10 जून को सुनील जैन की हत्या के मामले में दूसरी बार गिरफ्तार करने को अवैध और असंवैधानिक करार देने की मांग की गई थी.

ठोस साक्ष्यों के आधार पर दोबारा गिरफ्तारी वैध: अदालत

अदालत ने कहा कि आपराधिक कानून में प्रक्रियात्मक सुरक्षा नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए आवश्यक है. लेकिन इन्हें जघन्य अपराधों की वैध जांच को विफल करने के लिए ढाल नहीं बनाया जा सकता है. पहली गिरफ्तारी में पुलिस की चूक, कानूनी जरूरतों को पूरा करने के बाद दोबारा गिरफ्तार करने के कोई बाधा नही हैं.

कोर्ट ने कहा कि वर्तमान मामले में आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सामग्री मौजूद है. उसमें उनके विस्तृत आपराधिक इतिहास और एक बड़े अपराध सिंडिकेट में उनकी कथित भूमिका से संबंधित ठोस साक्ष्य हैं. याचिकाकर्ताओं की प्रारंभिक गिरफ्तारी केवल तकनीकी आधार पर अमान्य घोषित की गई थी.

एक बार जब प्रक्रियागत अनियमितताओं को सुधार दिया गया और गिरफ्तारी के आधार स्पष्ट रूप से पेश किए गए तो उनकी पुनः गिरफ्तारी को अवैध नहीं ठहराया जा सकता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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