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कानपुर का सियासी ड्रामा: इरफान सोलंकी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाए बड़े सवाल!

कानपुर की सीसामऊ विधानसभा से सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़े सवाल उठाए हैं. कोर्ट ने पूछा कि क्या एक सामान्य केंद्रीय कानून संगठित अपराध पर राज्य के विशेष कानूनों को अप्रभावी कर सकता है. इस मामले में सोलंकी गैंगस्टर एक्ट के तहत चल रही ट्रायल पर रोक चाहते हैं.

Naseem Solanki Case

इरफान सोलंकी पर कानपुर में 26 दिसंबर 2022 को गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था, जिसमें उन्हें गैंग का मुखिया बताया गया. उन्हें सितंबर 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी. सुप्रीम कोर्ट में उनकी याचिका का विवाद केंद्रीय कानून और राज्य कानून के टकराव पर है. इस बीच, सोलंकी की पत्नी नसीम सोलंकी को समाजवादी पार्टी ने नई उम्मीदवार घोषित किया है, क्योंकि इरफान की 7 साल की सजा के चलते उनकी विधायक की सदस्यता छिन चुकी है. चलिए जानते है पूरा मामला:

सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल

कानपुर की सीसामऊ विधानसभा से सपा के विधायक इरफान सोलंकी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए है. जस्टिस बागची ने टिप्पणी करते हुए कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 111 के कारण राज्य के संगठित अपराध संबंधी विशेष कानून प्रतिस्पर्धा के कारण निरस्त हो जाते है, तो फिर महाराष्ट्र में मकोका जैसे अन्य राज्यों के कानूनों का क्या होगा? जस्टिस बागची ने कहा कि क्या संगठित अपराध पर बना एक सामान्य केंद्रीय कानून किसी राज्य के विशेष कानून को अप्रभावी कर सकता है.

इरफान सोलंकी की कोर्ट को चुनौती

दायर याचिका में गैंगेस्टर एक्ट मामले में ट्रायल कोर्ट में चल रही ट्रायल पर रोक लगाने की मांग की गई है. गैंगस्टर एक्ट के इसी मामले में इरफान सोलंकी को सितंबर 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी हैं. दायर याचिका में इरफान सोलंकी ने कानपुर ट्रायल कोर्ट के 30 अगस्त 2025 के आदेश को चुनौती दी है. मामले में यूपी सरकार और तत्कालीन इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे को प्रतिवादी बनाया गया है.

सोलंकी, गैंग का मुखिया

सोलंकी के खिलाफ 26 दिसंबर 2022 को कानपुर के जाजमऊ थाने में गैंगेस्टर एक्ट की धारा 3 (1) के तहत एफआईआर दर्ज किया गया था. दर्ज एफआईआर में सोलंकी को गैंग का मुखिया बताया गया था. यह एफआईआर इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे ने दर्ज कराई गई थी. दर्ज एफआईआर इरफान सोलंकी के भाई रिजवान सोलंकी और सह अभियुक्त इजरायल आटेवाला सहित अन्य लोगों का नाम शामिल है. सोलंकी पर धमका कर पैसे वसूली का आरोप है.

नसीम सोलंकी नई उम्मीदवार घोषित

इरफान सोलंकी को जमानत मिलने के बाद 30 सितंबर को ही 33 महीने जेल में रहने के बाद महाराज गंज जेल से बाहर आए थे. एक अन्य मामले में इरफान सोलंकी को कानपुर की स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट ने 7 जून 2024 को सपा विधायक इरफान सोलंकी समेत पांच लोगों को 7 साल के कैद की सजा सुना रखा है. इरफान सोलंकी सहित सभी पांचो पर आरोप है कि यूपी के जाजमऊ की डिफेंस कॉलोनी में नजीर फातिमा नाम की एक महिला का घर जलाए जाने के मामले में दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई थी.

सोलंकी संग कई पर मुकदमा दर्ज

इस मामले के चलते 8 नवंबर 2022 को समाजवादी पार्टी नेता इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान सोलंकी, मोहम्मद शरीफ, शौकत अली और अनूप यादव सहित कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था. सजा के बाद सोलंकी की विधायकी छिन गई है. इरफान सोलंकी को मिली 7 साल की सजा के बाद उनकी सदस्यता चली गई थी. इस बार समाजवादी पार्टी ने इरफान सोलंकी की पत्नी नसीम सोलंकी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है.

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-भारत एक्सप्रेस 

Written By: Shubhra Rai (Intern)



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