Delhi Liquor Scam: दिल्ली शराब नीति से संबंधित भ्रष्टाचार के आरोपो से आरोपमुक्त किए गए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई की अपील को खारिज करने की मांग की है. जस्टिस मनोज जैन की कोर्ट दायर याचिका पर 18 अगस्त को सुनवाई कर सकती है.
केजरीवाल और सिसोदिया की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि ट्रायल कोर्ट के निर्णय के चार घंटे के भीतर ही जल्दबाजी में अपील दायर की गई थी. याचिका में कहा गया है कि पुनर्विचार याचिका में ट्रायल कोर्ट के निर्णय में किसी खास गैर कानूनी तथ्य या गड़बड़ी का जिक्र नहीं किया गया है. अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने तर्क दिया कि सीबीआई की याचिका कानून के निर्धारित मानकों और सुप्रीम कोर्ट व विभिन्न हाई कोर्ट्स द्वारा तय किए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप नही है, इसलिए सीबीआई द्वारा दाखिल पुनर्विचार याचिका सुनवाई योग्य नही है.
मामले में निचली अदालत ने केजरीवाल सहित 23 लोगों को आरोप मुक्त कर दिया था. जिसके खिलाफ सीबीआई ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की है. यह मामला दिल्ली शराब नीति से जुड़ा है. जिस मामले में सीबीआई और ईडी दोनों ने हाई कोर्ट का रुख किया है. जिसपर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा सुनवाई कर रही है.
सिसोदिया ने जताई नाराजगी
पिछले दिनों कोर्ट ने केजरीवाल के उस अर्जी को खारिज कर दिया था, जिसमें याचिका में कहा गया था कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से खुद को अलग होने की मांग की गई थी. सिसोदिया ने अपने पत्र में कहा कि मेरी तरफ से भी कोई वकील पेश नही होगा. आपके बच्चों का भविष्य तुषार मेहता जी के हाथों में है. ऐसी स्थिति में मुझे आपसे न्याय की कोई उम्मीद नही है. मेरे पास सत्याग्रह के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.
इससे पहले केजरीवाल ने पत्र लिखा था कि मेरी जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से न्याय मिलने की उम्मीद टूट गई है, इसलिए मैंने गांधी की तरह सत्याग्रह पर चलने का फैसला लिया है. अब वह खुद या वकील के जरिए जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के सामने पेश नहीं होंगे. उन्होंने जस्टिस स्वर्णकांता के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की बात कही थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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