केरल की नर्स निमिषा प्रिया को यमन में मिली.मौत की सजा को लेकर दायर याचिका पर केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि निमिषा प्रिया की फांसी पर फिलहाल रोक है. इस मामले में नए मध्यस्थता के जरिए बातचीत चल रही हैं.
जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच मामले में सुनवाई कर रही हैं. जस्टिस संदीप मेहता ने पूछा फांसी की प्रक्रिया का क्या हुआ? वकील ने बताया कि अभी फांसी पर रोक है.
कोर्ट ने पूछा कि फांसी की प्रक्रिया का क्या हुआ, वकील ने कहा अभी रोक है. जस्टिस मेहता ने कहा कि क्या वही पुराना व्यक्ति जिसने पहले रिट दायर की थी? अटॉर्नी जनरल ने कहा कि नहीं, कोई और, उन्होंने कहा कि अच्छी बात यह है कि अभी तक कोई प्रतिकूल घटना नहीं हुई है. कोर्ट जनवरी 2026 में मामले में अगली सुनवाई करेगा.
यमन की शीर्ष अदालत ने फांसी की सजा बरकरार रखी
निमिषा प्रिया केरल के पलक्कर की रहने वाली है. इससे पहले निमिषा की मां प्रेमकुमारी दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुकी है. मालूम हो कि यमन की शीर्ष अदालत ने निमिषा प्रिया की फांसी की सजा बरकरार रखी है.
निमिषा प्रिया को 2017 में यमन के एक नागरिक की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था. मामला कूटनीतिक जटिलताओं और कानूनी पेचीदगियों के कारण उलझ हुआ है, केंद्र सरकार के प्रयास के बावजूद कोई सफलता हाथ नही मिली है.
यमन की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को फांसी दे दी जाएगी. हालांकि निमिषा के पति टामी थामस का कहना है कि, हमें अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है. हमे इस बारे में केवल समाचार रिपोर्टों के माध्यम से पता चला है.
प्रिया को 2018 में अपने यमनी बिजनेस पार्टनर की हत्या का दोषी ठहराया गया था. तब से वह सना की केंद्रीय जेल में मौत की सजा काट रही हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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