Bharat Express DD Free Dish

लैंड फॉर जॉब से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने “लैंड फॉर जॉब” भ्रष्टाचार मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें एफआईआर रद्द करने की उनकी मांग खारिज कर दी गई थी.

lalu prasad yadav

लालू प्रसाद यादव

लैंड फॉर जॉब से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. लालू प्रसाद यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. जस्टिस एम. एम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ याचिका पर 13 अप्रैल को सुनवाई करेगी.

दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस रविंदर डुडेजा ने लालू प्रसाद यादव की उस मांग को खारिज कर दिया था, जिसमें भ्रष्टाचार के मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी. साथ ही कोर्ट ने इस मामले में दाखिल तीन चार्जशीट और निचली अदालत द्वारा लिए गए संज्ञान को भी बरकरार रखा था. लालू प्रसाद यादव ने याचिका में कहा गया था कि सीबीआई ने यह केस बिना जरूरी सेंशन के दर्ज किया गया, जो कानूनी रूप से अवैध है.

मामले की सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद यादव की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि जांच एजेंसी सीबीआई ने 18 मई 2022 को एफआईआर दर्ज की, जबकि उस समय लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री के रूप में अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन कर रहे थे. बता दें कि इससे पहले भी लालू प्रसाद यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर निचली अदालत में चल रहे कार्रवाई पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था.

दायर याचिका में कहा गया था कि पिछली जांच और उसकी समापन रिपोर्ट को छुपाकर नई जांच शुरू की गई है, जो कानूनी प्रक्रियाओं का दुरुपयोग है. उन्होंने कहा था कि यह कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना के प्रेरित होकर परेशान करने के लिए किया जा रहा है. दिल्ली हाई कोर्ट ने 29 मई 2025 को अपने आदेश में कहा था कि कार्यवाही पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस कारण नहीं है.

38 उम्मीदवारों के साथ कई अधिकारियों का नाम आया सामने

यह मामला राजनीतिक और कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दर्शाता है कि कैसे कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए और क्या कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है. सीबीआई द्वारा दायर अंतिम सप्लिमेंट्री चार्जशीट में 78 लोगों को आरोपी बनाया गया है. सीबीआई के मुताबिक 38 कैंडिडेट्स है इसके अलावे कुछ अधिकारी शामिल है. सीबीआई ने 6 मार्च को इस मामले में तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल किया था. जिसमे भोला यादव को आरोपी बनाया गया है.

सीबीआई द्वारा दाखिल पूरक आरोप पत्र में कहा गया है कि भोला यादव लालू प्रसाद यादव के सचिव रह चुके है और वही सभी काम देखते थे. भोला यादव ही अधिकारियों को निर्देश देते थे. इस मामले में लालू प्रसाद यादव सहित उनके परिवार के पांच सदस्य आरोपी है. इसमें लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती और हेमा यादव शामिल है.

सीबीआई से जुड़े मामले में कोर्ट ने 4 अक्टूबर 2023 को तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव, और राबड़ी देवी को जमानत दी थी. कोर्ट ने 22 सितंबर 2023 को सीबीआई की ओर से दाखिल दूसरी सप्लिमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लिया था.

यह भी पढ़े: ‘आगजनी करो, संपत्ति जलाओ’, बिजनौर से सऊदी-अफ्रीका तक भारत विरोधी नेटवर्क, गिरफ्त में उवैद-जलाल

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read