Sushant Rohilla case: दिल्ली हाई कोर्ट ने लॉ स्टूडेंट सुशांत रोहिल्ला खुदकुशी मामले में बड़ा आदेश दिया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि कम अटेंडेंस के अभाव में किसी भी लॉ स्टूडेंट को परीक्षा में बैठने से नही रोका जाएगा.
कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया से अनिवार्य उपस्थिति मानदंडों में संशोधन करने को कहा है. कोर्ट ने मामले में लिए गए स्वतः संज्ञान पर सुनवाई को बंद किया. जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस अमित महाजन ने यह फैसला दिया है.
अदालत ने 2016 में दिल्ली के एमिटी लॉ स्कूल के छात्र सुशांत रोहिल्ला की आत्महत्या से संबंधित स्वयं संज्ञान मामले से सुनवाई कर रही थी. उसके दोस्त ने उस साल अगस्त 2016 में तत्कालीन सीजेआई को एक पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि रोहिल्ला को कम उपस्थिति बनाए रखने के लिए कॉलेज और कुछ संकाय सदस्यों द्वारा परेशान किया गया था.
सुप्रीम कोर्ट ने बीसीआई और यूजीसी से मांगा जवाब
पत्र के अनुसार रोहिल्ला को एक पूरा शैक्षणिक वर्ष दोहराने के लिए मजबूर किया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने तब दायर पत्र याचिका का संज्ञान लिया था, और अंततः 6 मार्च, 2017 के अपने आदेश में मामले को दिल्ली हाई कोर्ट ट्रांसफर कर दिया था.
पीठ ने दर्ज किया कि बीसीआई के वकील ने वकीलों के निकाय की कानूनी शिक्षा समिति के गठन और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों की उपस्थिति आवश्यकताओं से संबंधित एक दस्तावेज रिकॉर्ड पर रखा था.
केंद्र सरकार ने अदालत को बताया था कि उसके पिछले आदेश के अनुपालन में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने 19 सितंबर को पत्र लिखकर सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को यूजीसी (छात्रों की शिकायतों का निवारण) विनियम, 2023 के अनुसार छात्र शिकायत निवारण समितियों के गठन के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया था.
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कोर्ट ने पूछा, क्या एमिटी यूनिवर्सिटी देगी परिवार को मुआवजा?
एमिटी लॉ स्कूल की ओर से पेश हुए वकील ने कहा था कि रोहिल्ला के माता-पिता को समय-समय पर उसकी उपस्थिति की कमी के बारे में विधिवत सूचित किया गया था और इस प्रकार, संस्थान को उसकी मौत के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता. इसके बाद पीठ ने वकील से निर्देश प्राप्त करने को कहा था कि क्या विश्वविद्यालय रोहिल्ला के परिवार को अनुग्रह राशि देने के लिए तैयार है.
इस मामले में न्याय मित्र के रूप में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता दयान कृष्णन ने कहा था कि हाल ही में विभिन्न संस्थानों में आत्महत्या की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हुई हैं. सुशांत रोहिल्ला ने 10 अगस्त 2016 को खुदकुशी कर ली थी. लॉ स्टूडेंट ने हाजिरी कम होने के कारण उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नही दी थी.
-भारत एक्सप्रेस
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