Supreme Court: आवारा कुत्तों के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव पेश हुए. सभी राज्यों के मुख्य सचिवों ने आवारा कुत्तों के काटने की समस्या को रोकने के लिए उनके द्वारा उठाए गए कदमों पर जवाब दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी भी मांगी है.
अदालत ने कहा कि कुत्ते के काटने के पीड़ितों की भी सुनवाई होनी चाहिए और कुत्ते के काटने के मामले की सुनवाई में भाग लेने के लिए उनकी याचिका को अनुमति दे दी है. कोर्ट ने कहा कि वह सरकारी भवनों के परिसरों में कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर दिए गए आदेश आगे भी जारी रहेगा.
जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा कि आदेश कुछ दिनों में अपलोड किया जाएगा. कोर्ट 7 नवंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई में मुख्य सचिव को मौजूद रहने की आवश्यकता नही है.
कोर्ट ने हलफनामा दाखिल न करने पर जताई नाराजगी
पिछली सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया था कि कोर्ट के आदेश के बाद हलफनामा दाखिल कर दिया गया है, इसपर कोर्ट ने कहा था कि यह हलफनामा अंतिम समय में दाखिल किया गया होगा. कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल कहा था कि मुख्य सचिवों को प्रत्यक्ष के रूप से आने दीजिए. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अदालत उन समस्याओं से निपटने में समय बर्बाद कर रही हैं.
कोर्ट ने कहा था कि इनका समाधान राज्य सरकार और नगर निगम को सालों पहले करना चाहिए था. कोर्ट ने कहा था कि संसद नियम बनाती है, कोई कार्रवाई नही होती. कोर्ट ने कहा था कि हम राज्यों से अनुपालन की अपेक्षा कर रहे थे, लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नही दिया.
अदालत के आदेश का कोई सम्मान नही है, इसलिए मुख्य सचिवों को कोर्ट में आने दीजिए, हम उनसे निपट लेंगे. उन्होंने कोर्ट में आकर बताना होगा कि उन्होंने हलफनामा क्यों नही दाखिल किया, उसके बाद उन्हें अनुपालन हलफनामा दाखिल करना होगा. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सभी राज्यो और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को 3 नवंबर को कोर्ट में मौजूद रहने का आदेश दिया था.
ये भी पढ़ें- दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता पर हुए हमले का मामला पहुंचा सेशन कोर्ट
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

