Rohit Chaturvedi Release Supreme Court: कवियत्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है. कोर्ट ने इस मामले में सजा काट रहे दोषी रोहित चतुर्वेदी की सजा को माफ करते हुए रिहाई का आदेश दिया है. कोर्ट ने रोहित की माफी याचिका को स्वीकार किया और पूर्व अस्वीकृति को मनमाना बताया. साथ ही आपराधिक न्याय में प्रतिशोध की बजाए सुधार की जरूरत पर जोर दिया.
9 जुलाई 2025 के उस आदेश को रद्द
जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह आदेश मनमाना, बिना कारण और कानून के नजरिए से टिकाऊ नहीं था. अदालत ने गृह मंत्रालय के 9 जुलाई 2025 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें दोषी रोहित चतुर्वेदी की समय पूर्व रिहाई के लिए उत्तराखंड सरकार की सिफारिश को खारिज कर दिया गया था.
सुनवाई के दौरान अदालत ने दंड व्यवस्था सुधरात्मक सिद्धांत पर जोर देते हुए यूनानी दार्शनिक प्लेटों का जिक्र किया.
दोषी व्यक्ति 23 साल जेल में रह चुका
बेंच ने कहा प्लेटों को कोर्ट करते हुए कहा कि न्याय का उद्देश्य प्रतिशोध नहीं बल्कि सुधार होना चाहिए. अदालत ने कहा दोषी व्यक्ति 23 साल जेल में रह चुका है. यदि खुद को सुधरना चाहता है या सुधार चुका है, तो उसे अवसर मिलना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शासन की तरफ से रिहाई के आदेश जारी किया गया है. मई 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने जेल में अच्छा बर्ताव करने वाले कैदियों की रिहाई पर विचार का आदेश दिया था.
18 अगस्त 2023 को अमरमणि को रिहाई का आदेश
इस आदेश के बाद अमरमणि त्रिपाठी और मधु मणि त्रिपाठी ने सुप्रीम कोर्ट में दया याचिका दाखिल की थी. 10 फरवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने अमरमणि त्रिपाठी को रिहाई के आदेश दिया था. इन आदेशों के पालन में देरी पर अमरमणि त्रिपाठी ने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल किया था. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 3 जुलाई 2023 को मधु मणि त्रिपाठी को रिहाई के आदेश दिया और 18 अगस्त 2023 को अमरमणि को रिहाई का आदेश दिया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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