Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक: NTA अधिकारी जांच के घेरे में, ब्यूटी पार्लर से चल रहा था कमीशन और धांधली का खेल

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच के दौरान ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्होंने NTA की साख पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. एक्सपर्ट प्रोफेसर से लेकर एक ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिला तक इस खतरनाक नेटवर्क में कैसे जुड़े थे? जानिए पूरी इनसाइड स्टोरी

CBI NEET Paper Leak Case

AI IMAGE

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक की सीबीआई जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे रोज चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. अब सीबीआई की जांच सिर्फ बिचौलियों और कोचिंग नेटवर्क तक सीमित नहीं रही, बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के अंदर बैठे अधिकारी की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है. सीबीआई के अनुसार NTA के अंदर से दो तरह की लीक सामग्री बाहर आई- एक हैंड रिटन और दूसरी टाइप की गई, जिसके सवाल मूल सवाल से मिलते-जुलते थे. मामले में चार दिनों के भीतर पांच राज्यों से 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

एक्सपर्ट टीम में शामिल मंधारे और कुलकर्णी का खेल

इस मामले में गिरफ्तार पुणे की सीनियर बॉटनी टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे और लातूर के पीवी कुलकर्णी से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं. दोनों को NTA ने नीट-यूजी 2026 पेपर तैयार करने वाली एक्सपर्ट टीम में शामिल किया था. आरोप है कि मंधारे के पास बॉटनी और जूलॉजी पेपर की पूरी पहुंच थी, जबकि कुलकर्णी के पास केमिस्ट्री का एक्सेस था.

मनीषा मंधारे को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था. वह पुणे के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में पिछले 24 साल से प्रोफेसर के रूप में काम कर रही थीं और NTA के साथ गोपनीय शर्तों के साथ जुड़ी हुई थीं. सीबीआई के मुताबिक अप्रैल 2026 के दौरान मनीषा मंधारे ने पुणे में मनीषा वाघमारे के जरिए संभावित नीट उम्मीदवारों को इकट्ठा किया और अपने घर विशेष कोचिंग क्लास चलाई.

ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे का कमीशन नेटवर्क

इसी मामले में गिरफ्तार ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे को लेकर सीबीआई ने खुलासा किया है कि इसने कमीशन के लिए ट्यूशन टीचर की तलाश कर रहे छात्र-छात्राओं को प्रतिष्ठित विद्यालयों के शिक्षकों से मिलवाया था. साथ ही इन संपर्कों का इस्तेमाल लीक प्रश्नपत्र डिस्ट्रीब्यूट करने के लिए किया, जिसके परिणामस्वरूप परीक्षा रद्द कर दी गई. मनीषा वाघमारे पुणे के सुखसागर नगर में ब्यूटी पार्लर चलाती थी. इसे सीबीआई ने 14 मई को गिरफ्तार किया था. फिलहाल सीबीआई रिमांड पर है.

टेलीग्राम ग्रुप पर पेपर

सीबीआई की ओर से पेपर लीक मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू करने से ठीक पहले दिन ही एक नाम सामने आया और महाराष्ट्र में हलचल मच गई, जिसके बाद मामले में शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने सूचना दी थी कि नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र नासिक के 3के (3K) टेलीग्राम ग्रुप को भेजा गया था.

ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट में अब 34 नहीं 38 होंगे जज, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दी अहम जानकारी

इस सूचना के आधार पर नासिक पुलिस ने 12 मई को शुभम को गिरफ्तार कर सीबीआई को सौंप दिया. सीबीआई के मुताबिक शुभम खैरनार ने 29 अप्रैल 2026 को धनंजय लोखंडे से प्राप्त प्रश्नपत्र की पीडीएफ यश यादव को दी. सीबीआई ने इस मामले में दर्जनों जगह छापेमारी की है, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल जब्त किए हैं. अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital