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सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी. कोर्ट ने याचिकाकर्ता रुचिरा गर्ग को चुनाव से ठीक एक दिन पहले अदालत आने पर कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि इस चरण में पूरी चुनाव प्रक्रिया को बाधित नहीं किया जा सकता.

Jantar Mantar Protest 2024: महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा को राऊज एवेन्यु कोर्ट ने 2024 में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की और रास्ता जाम करने का दोषी पाया है. कोर्ट इस मामले में 5 जून को सजा पर बहस करेगा. इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट भी उनकी पुनर्विचार याचिका खारिज कर चुका है.

Delhi High Court Order: केंद्र सरकार ने सुरक्षा और 47.58 करोड़ रुपये के बकाया रेंट का हवाला देकर 113 साल पुराने दिल्ली जिमखाना क्लब को 5 जून तक खाली करने का निर्देश दिया है. इसके खिलाफ क्लब ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है, जिस पर 26 मई को सुनवाई होगी.

NEET UG 2026 Paper Leak: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक केस में राऊज एवेन्यु कोर्ट ने एनटीए की फिजिक्स एक्सपर्ट और कॉलेज प्रिंसिपल मनीषा हवलदार को 6 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है. मनीषा पर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक करने का आरोप है, जिसके सवाल असली नीट पेपर से मैच हुए हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों से जुड़ी नई याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता (NGO) को हाई कोर्ट जाने का निर्देश दिया है. साथ ही कोर्ट ने देश में लगातार बढ़ रहे डॉग बाइट के मामलों पर चिंता जाहिर की है.

दिल्ली हाई कोर्ट 26 मई को 2020 दिल्ली दंगा मामले में आरोपी अथर खान की जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा. दिल्ली पुलिस ने इस याचिका का विरोध करते हुए दंगों की भयावहता का हवाला दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के खिलाफ दायर याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है. सीजेआई सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता से कहा कि इसे इतनी भावुकता से न लें.

नीट यूजी 2026 मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए एनटीए और सीबीआई से जवाब मांगा है. वहीं, NTA ने पेपर लीक की सीबीआई जांच और परीक्षा दोबारा (Re-Exam) कराने का ऐलान किया है.

सुप्रीम कोर्ट ने ट्विशा शर्मा की अप्राकृतिक मौत मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए तुरंत सीबीआई (CBI) जांच शुरू करने का आदेश दिया है. वहीं, आरोपी पति समर्थ सिंह ने आत्मसमर्पण कर दिया है.

देशभर में गो-वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और सुप्रीम कोर्ट के 2005 के फैसले को सख्ती से लागू करने की मांग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है.