Bharat Express DD Free Dish

संसद सुरक्षा उल्लंघन मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर पुलिस से मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट ने संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले में आरोपियों सागर शर्मा और मनोरंजन डी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मांगी है. कोर्ट ने कहा कि संसद को बाधित करना देश में आतंक फैलाने का सबसे आसान तरीका है.

delhi high court

दिल्ली हाईकोर्ट.

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिसंबर 2023 के संसद भवन सुरक्षा उल्लंघन मामले में जेल में बंद दो आरोपियों की ओर से दायर जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है. कोर्ट ने कहा कि संसद में व्यवधान डालना देश में आतंक फैलाने का सबसे अच्छा तरीका है. जस्टिस विवेक चौधरी एवं जस्टिस शालिन्दर कौर की पीठ ने आरोपी सागर शर्मा व मनोरंजन डी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस से वस्तुस्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है.

कोर्ट 8 अक्टूबर को अगली सुनवाई करेगा. मनोरंजन के वकील ने कहा कि संसद के अंदर नारेबाजी करते हुए धुआं उड़ाने की घटना आतंकवादी कृत्य नहीं है, क्योंकि धुआं आपत्तिजनक नहीं है. आरोपी का इरादा केवल बेरोजगारी को उजागर करना था, आतंक फैलाना नहीं. इसपर पीठ ने कहा कि भारत में आतंक फैलाने का सबसे अच्छा तरीका संसद को बाधित करना है. आपने संसद को बाधित किया है.

आरोपियों ने इस मामले में जमानत देने से इनकार करने के सत्र अदालत के आदेश को चुनौती दी है.

पीली गैस छोड़ने का आरोप

संसद में 2001 के आतंकवादी हमले की बरसी पर आरोपी सागर शर्मा व मनोरंजन डी ने कथित तौर पर शून्यकाल के दौरान दर्शक दीर्घा से लोकसभा के सभाकक्ष में कूद गए थे और उन्होंने पीली गैस छोड़ी थी तथा नारे लगाए थे. इसके बाद कुछ सांसदों ने उन्हें काबू कर लिया था.

लगभग उसी समय दो अन्य आरोपी अमोल शिंदे व नीलम आजाद ने संसद परिसर के बाहर ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ के नारे लगाते हुए कनस्तरों से कथित तौर पर रंगीन गैस का छिड़काव किया था.

इसे बहुत बड़ी सुरक्षा चूक के रूप में लिया गया था। कोर्ट इसी महीने नीलम आजाद व महेश कुमावत को जमानत दे चुका है.


भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read