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करोड़ों रुपए के कथित घोटाला मामले में पीसीआई के अध्यक्ष मान्टू एम. पटेल को मिली अग्रिम जमानत

राउज एवेन्यू कोर्ट ने करोड़ों रुपये के कथित घोटाले में भारतीय भेषजी परिषद (PCI) के अध्यक्ष मान्टू एम. पटेल को कुछ शर्तों के साथ अग्रिम जमानत दी है. अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष के पास पटेल के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है और आरोपी जांच में सहयोग कर चुका है.

delhi high court
राऊज एवेन्यु कोर्ट से करोड़ों रुपए के कथित घोटाला मामले में भारतीय भेषजी परिषद (पीसीआई) के अध्यक्ष मान्टू एम. पटेल को फिलहाल राहत मिल गई है. कोर्ट ने पीसीआई अध्यक्ष मान्टू एम. पटेल को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में अभियोजन पक्ष के पास पुख्ता सबूत नहीं है. स्पेशल जज सुशांत चंगोत्रा ने मान्टू एम. पटेल को एक-एक लाख रुपये की निजी मुचलके पर अग्रिम जमानत दे दिया है.

मंत्रालय के अधीन स्थिति

कोर्ट ने अग्रिम जमानत देते हुए कहा कि वह साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे, जब भी आवश्यकता होगी जांच में शामिल होंगे, गवाहों को प्रभावित नही करेंगे और विदेश जाने से पहले कोर्ट से लेनी होगी अनुमति. पीसीआई केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक निकाय है.
अदालत ने कहा कि अदालतों के दायित्व है कि वे किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा और जांच एजेंसी के निष्पक्ष जांच के अधिकार के बीच उचित संतुलन बनाए रखें. इस मामले में तथ्यों का अवलोकन करने के बाद उन्होंने कहा कि आरोपी प्रथम दृष्टया किसी भी ठोस सामग्री से समर्थित नहीं है. अगर पटेल की स्वतंत्रता की रक्षा नहीं कि गई तो अदालत अपने कर्तव्य में विफल होगा. फार्मेसी कॉलेजों के निरीक्षण और अनुमोदन प्रक्रियाओं में कथित भ्रष्टाचार तथा प्रणालीगत अनियमितताओं को लेकर पटेल के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के बाद सीबीआई ने उनके परिसरों में छापेमारी की थी.
अदालत ने कहा कि आरोपी पहले ही जांच में शामिल हो चुका है और उसके फरार होने की संभावना नही है. सीबीआई द्वारा की गई छापेमारी के दौरान कोई बरामदगी नही हुई है. कोर्ट ने कहा कि ऐसे कोई तथ्य नही है जिसको लेकर पटेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जरूरत हो.


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