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रेणुकास्वामी हत्या मामले में आरोपी पवित्र गौड़ा की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने रेणुका स्वामी हत्या मामले के आरोपी पवित्र गौड़ा की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी. इससे पहले कोर्ट ने पवित्रा गौड़ा और अन्य आरोपी अभिनेताओं की जमानत रद्द कर उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था.

Supreme Court

रेणुकास्वामी हत्या मामले में आरोपी पवित्र गौड़ा को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने पवित्रा गौड़ा की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि फैसला बहुत सोच समझकर दिया गया है, इसपर पुनर्विचार की कोई गुंजाइश नजर नही आ रहा है. लिहाजा याचिका को खारिज किया जाता है. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म अभिनेता दर्शन, पवित्र गौड़ा सहित 5 अन्य की जमनात को रद्द करते हुए सरेंडर करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने पुलिस से इनलोगों को गिरफ्तार करने को कहा था.

जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने यह फैसला सुनाया था. पिछले दिनों कर्नाटक सरकार की ओर से दायर याचिका पर सभी पक्षों की जिरह के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. जस्टिस पारदीवाला ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह एक बहुत ही कड़ा संदेश देता है कि आरोपी चाहे कोई भी हो, वह कानून से ऊपर नहीं है. कोर्ट ने कहा था कि जिस दिन हमें पता चलेगा कि आरोपी को पांच सितारा दर्जा दिया जा रहा है, सबसे पहला कदम जेल अधीक्षक को निलंबित किया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने पवित्र गौड़ा की याचिका ठुकराई

इससे पहले सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट द्वारा दर्शन सहित अन्य को दी गई जमानत पर नाराजगी जताई थी. जस्टिस पारदीवाला ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि हम हाई कोर्ट जैसी गलती नहीं करेंगे, न ही हम दोषसिद्धि और न ही बरी करने पर कोई फैसला देंगे. कोर्ट ने पवित्रा गौड़ा के वकील से कहा था कि क्या आपको नहीं लगता कि हाई कोर्ट ने असल में अभियुक्त को बरी कर दिया? जिस तरीके से आदेश लिखा गया है, माफ कीजिए क्या हाई कोर्ट बाकी मामलों में भी ऐसे आदेश देती हैं? कोर्ट ने कहा था कि सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि हाई कोर्ट ने हत्या जैसे 302 के मामले में ये कहा कि गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए गए.

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट की जमानत पर लगाई रोक

जस्टिस पारदीवाला ने कहा था कि अगर निचली अदालत ऐसी गलती करें तो समझ में आता है, लेकिन हाई कोर्ट के न्यायाधीश से ऐसी उम्मीद नही की जा सकती. मामले की सुनवाई के दौरान कर्नाटक सरकार की दलीलों पर सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति जताई थी. राज्य सरकार ने कहा था कि ट्रायल डे-टू-डे चलाया जाएगा. इसपर कोर्ट ने पूछा था कि इस केस में ही डे-टू-डे ट्रायल क्यों? जबकि कई विचाराधीन कैदी 5-6 साल से जेल में बंद है. कोर्ट ने कहा था कि क्या आपको नही लगता कि वास्तव में सभी को बरी कर दिया है.

जून 2024 में बेंगलुरु में एक फ्लाईओवर पर 33 साल के ऑटो चालक रेणुका स्वामी को मृत पाया गया. रेणुका दर्शन का प्रशंसक था. दिनेश के कहने पर उसका अपहरण किया गया था. इसके बाद उसकी हत्या की गई. इस मामले में पुलिस ने 4000 पन्नों का चार्जशीट दाखिल किया है. जिसके बाद पुलिस ने 1300 पेज का सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल किया है जिसमें 30 से अधिक गवाहों, एफएसएल और अन्य तकनीकी जांच दस्तावेज सहित 40 से अधिक साक्ष्य शामिल है.

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भारत एक्सप्रेस



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