Bharat Express DD Free Dish

जांच में बाधा न बनें इसलिए अंदर ही रहेंगे आरपीएससी के सदस्य बाबूलाल कटारा; सुप्रीम कोर्ट ने पलटा अपना ही फैसला

पेपर लीक मामले में आरपीएससी के सदस्य बाबूलाल कटारा को सुप्रीम कोर्ट ने दी गई अंतरिम जमानत रद्द कर दी है. कोर्ट ने राजस्थान सरकार के हलफनामे के आधार पर यह निर्णय लिया जिसमें कहा गया कि कटारा पर पांच मामले लंबित हैं, जिनमें मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी शामिल है.

Supreme Court Final Deadline in Sheena Bora Murder Case

पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरपीएससी के सदस्य बाबूलाल कटारा को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने बाबूलाल कटारा को मिली अंतरिम जमानत को रद्द कर दिया है. जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने यह आदेश दिया है.

मामले की सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा की ओर से दिए गए हलफनामे में उठाई गई आपत्तियों पर विचार करने के बाद कोर्ट ने अंतरिम जमानत को रद्द किया है. कटारा को सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को अंतरिम जमानत दिया था. राज्य सरकार की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया है कि कटारा के खिलाफ पांच मामले लंबित हैं, जिनमे से एक मामला मनी लॉन्ड्रिंग के तहत दर्ज है. हलफनामे में कहा गया है कि आरोपी कटारा आरपीएससी सदस्य रहते हुए पेपर लीक में शामिल है. इसलिए जांच निष्पक्ष हो इसके लिए जरूरी है कि आरोपी जेल में रहें.

कटारा की ओर से पेश वकील ने दलील देते हुए कहा कि किसी भी आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में नही रखा जा सकता. जांच एजेंसी ने केवल परिस्थिति जन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप लगाए हैं और उनसे कोई बरामदगी नही हुई है. कटारा को जेल में करीब 2.5 साल से ज्यादा हो चुके हैं. कोर्ट यह जानना चाहती थी कि ट्रायल में देरी क्यों हो रही है और चार्जशीट कहा तक पेश हुई है.

सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में दी थी बाबूलाल कटारा को अंतरिम जमानत

बता दें कि फरवरी के महीने में सुप्रीम कोर्ट ने सेकेंड ग्रेड टीचर भर्ती से जुड़े केस में बाबूलाल कटारा की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में दायर अंतरिम जमानत याचिका को मंजूर कर लिया था. लेकिन इसके बावजूद वह जेल से रिहा नहीं हो पाए थे, क्योंकि कटारा पर दो केस एसआई भर्ती 2021 पेपर लीक और ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज था. जांच में पता चला कि बाबूलाल कटारा ने सेकेंड ग्रेड टीचर भर्ती 2022 का पेपर अपने सरकारी आवास से लीक किया. उनके भांजे विजय डामोर के जरिये पेपर पहले 60 लाख रुपए में अनिल मीणा को बेचा गया और फिर 80 लाख रुपए में भूपेंद्र सारण के साथ डील हुई.

ये भी पढ़ें: ‘महानगरों में ये क्या हो रहा है?’; गुरुग्राम में तीन साल की बच्ची से हुए यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिस पर भड़के CJI सूर्यकांत, जांच रिपोर्ट तलब

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read