Urdu Conclave 2026

1984 सिख विरोधी दंगे के मामले में दोषी सज्जन कुमार को मिली उम्रकैद, कोर्ट में फांसी की मांग

राऊज एवेन्यु कोर्ट ने 1984 सिख विरोधी दंगों में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई. कोर्ट ने उन्हें सरस्वती विहार में जसवंत सिंह और उनके बेटे की हत्या के मामले में दोषी ठहराया.

congress leader sajjan kumar

राऊज एवेन्यु कोर्ट ने 1984 सिख विरोधी दंगे के मामले में दोषी कांग्रेस के नेता सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है. मामले की सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से पेश वकील एच एस फुल्का ने लिखित दलील पेश कर फांसी की सजा की मांग की है. कोर्ट ने सज्जन कुमार को 12 फरवरी को दोषी ठहराया था.  यह मामला सरस्वती विहार में जसवंत सिंह और उसके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या से जुड़ा है. कोर्ट ने 41 साल बाद इस मामले में सज्जन कुमार को दोषी करार दिया है.

मामले की सुनवाई के दौरान स्पेशल पीपी ने कोर्ट को बताया था कि मामले में दोबारा जांच के बाद क्या सबूत हाथ लगा है. सिख विरोधी दंगों के दौरान दिल्ली के सरस्वती विहार में दो सिखों की हत्या कर दी गई थी. कोर्ट ने एक नवंबर 1984 को जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या से संबंधित यह मामला है. मामले की सुनवाई के दौरान सज्जन कुमार की ओर से पेश वकील ने कहा था कि सज्जन कुमार का नाम शुरू में नही था.

सरस्वती विहार हत्या मामला

याचिकाकर्ता गुरलाड सिंह काहलों की ओर से वरिष्ठ वकील एच. एस फुल्का ने दलील दी थी कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के साथ मिलीभगत में था. ये सामान्य मामले नहीं है. इन मामलों में लीपापोती की गईऔर राज्य ने ठीक से अभियोजन पक्ष ने नहीं किया. ये अपराध मानवता के खिलाफ है. सज्जन कुमार को दिल्ली कैंट की पालम कॉलोनी में 5 सिखों की हत्या के मामले में दोषी पाया गया था. दिल्ली हाई कोर्ट ने 17 दिसंबर 2018 को उम्रकैद की सजा सुनाई.

सितंबर 2023 को राऊज एवेन्यु कोर्ट ने दिल्ली के सुल्तानपूरी में 3 सिखों की हत्या के मामले में बरी कर दिया था. 31 अक्टूबर 1984 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली में सिख विरोधी दंगे भड़क उठे. 2005 में गठित नानावटी आयोग की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में 2733 लोगों की हत्या हुई और 587 एफआईआर दर्ज हुई. सुप्रीम कोर्ट पहले ही दिल्ली पुलिस को इन मामलों में अपील दाखिल न करने पर फटकार लगा चुका है.

ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने असम में 171 पुलिस एनकाउंटर्स की जांच की मांग वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा, जानें पूरा मामला

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read