Bharat Express DD Free Dish

सुप्रीम कोर्ट ने टाली संभल जामा मस्जिद विवाद मामले की सुनवाई, 8 सितंबर को होगी अगली तारीख

सुप्रीम कोर्ट ने संभल जामा मस्जिद विवाद मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई को टाल दिया है और अब अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी. अदालत ने निचली अदालत की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए सर्वे रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में रखने के निर्देश दिए हैं.

Sambhal Jama Masjid Dispute

संभल जामा मस्जिद विवाद

Edited by Radha Priya

Sambhal Jama Masjid Dispute: सुप्रीम कोर्ट ने संभल जामा मस्जिद विवाद मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई को टाल दिया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी. जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की बेंच इन दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह अंतरिम आदेश के खिलाफ है और कोर्ट इस मामले का पूरी तरह से निपटारा करेगा.

दो याचिकाओं पर कोर्ट का सवाल

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए यह सवाल उठाया था कि एक ही आदेश के खिलाफ दो अलग-अलग याचिकाएं कैसे दाखिल की गई हैं? दरअसल, यह पूरा विवाद मस्जिद परिसर के सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर की नियुक्ति को चुनौती देने से जुड़ा हुआ है.

निचली अदालत की कार्रवाई पर लगी थी रोक

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संभल हिंसा को लेकर दायर याचिका पर निचली अदालत की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी. इसके साथ ही कोर्ट ने यह निर्देश भी दिए थे कि सर्वे रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में ही सुरक्षित रखी जाएगी और फिलहाल उसे खोला नहीं जाएगा. इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को सख्त हिदायत देते हुए कानून व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त रखने को कहा था.

न्यायिक जांच आयोग का गठन

संभल में 24 नवंबर को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा की निष्पक्ष जांच के लिए राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश देवेंद्र कुमार अरोड़ा की अध्यक्षता में गठित यह आयोग दो महीने के भीतर अपनी जांच पूरी करके रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा. इस आयोग में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अमित मोहन प्रसाद और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी अरविंद कुमार जैन को बतौर सदस्य शामिल किया गया है.

ये भी पढ़ें- 20% इथेनॉल पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पुरानी गाड़ियों के लिए नॉर्मल पेट्रोल की मांग खारिज

सर्वे और निचली अदालत का आदेश

विवादित स्थल पर दो दिनों तक सर्वे की प्रक्रिया पूरी करने के बाद रिपोर्ट तैयार कर ली गई थी. अदालत ने सर्वे कमेटी को रिपोर्ट सौंपने के लिए 29 नवंबर तक का समय दिया था. इसके साथ ही निचली अदालत को यह निर्देश दिए गए थे कि सर्वेक्षण आदेश के खिलाफ मस्जिद समिति द्वारा दायर याचिका जब तक इलाहाबाद हाईकोर्ट में सूचीबद्ध नहीं हो जाती, तब तक निचली अदालत इस मामले की आगे सुनवाई न करे.

कैसे बढ़ा विवाद?

हिंदू पक्ष की ओर से संभल की शाही जामा मस्जिद में प्राचीन हरिहर मंदिर होने का दावा करते हुए निचली अदालत में याचिका दाखिल की गई थी. इसके बाद 19 नवंबर 2024 को निचली अदालत द्वारा सर्वे कराने के आदेश दिए गए, जिसके बाद से ही संभल में तनाव की स्थिति काफी बढ़ गई थी. अदालत के इस सर्वेक्षण आदेश का विरोध कर रहे स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच तीखी झड़पें हुईं, जिनमें चार लोगों की जान चली गई थी.

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read