न्यायिक अधिकारियों की पद्दोन्नति के मामले में सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ सुनवाई करेगी. सीजेआई बी आर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने मामले को संविधान पीठ के पास भेज दिया है. कोर्ट ने अखिल भारतीय न्यायाधीश संघ के मामले में दिया आदेश है.
अधिकारियों में बढ़ती निराशा
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई राज्यों में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के रूप में नियुक्त अधिकारी पूरे करियर में न तो प्रिंसीपल जिला जज बन पाते हैं और न ही हाई कोर्ट जज के पद तक पहुच पाते है.
वहीं मामले की सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी सिद्धार्थ भटनागर ने कोर्ट को बताया कि कई राज्यों में असामान्य स्थिति बन गई है, जहां 25-26 वर्ष की आयु में सेवा में प्रवेश करने वाले अधिकारी एडिशनल जिला जज के पद से ही रिटायर्ड हो जाते हैं. इससे न केवल अधिकारियों में निराशा बढ़ती हैं, बल्कि प्रतिभाशाली युवाओं को न्यायपालिका में शामिल होने से भी हतोत्साहित करती है.
प्रिंसीपल जिला जज पदों में कुछ प्रतिशत आरक्षण
एमिकस क्यूरी ने सुझाव दिया कि जेएमएफसी संवर्ग से नियुक्त जजों की पद्दोन्नति के लिए प्रिंसीपल जिला जज के पदों में कुछ प्रतिशत आरक्षण रखा जाए, जिससे करियर ग्रोथ की राह खुले. हालांकि वरिष्ठ वकील आर. बसंत ने इस प्रस्ताव का विरोध किया. उनका तर्क था कि ऐसा करने से उन योग्य उम्मीदवारों के अवसर सीमित हो जाएंगे जो जिला जज के रूप में सीधे भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे हैं.
सीजेआई गवई ने कहा कि इस पूरे विवाद में संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है. उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी युवा उम्र में सेवा में प्रवेश करता है और बिना उन्नति के एडिशनल जिला जज के पद से ही सेवानिवृत्त हो जाता है, तो यह उनके साथ निराशाजनक स्थिति बन जाती है.
पूरे कार्यकाल एक ही पद
सीजेआई ने उदाहरण देते हुए कहा कि जस्टिस सुंदरेश के एक पूर्व विधि लिपिक ने न्यायिक सेवा में प्रवेश किया था, लेकिन सीमित प्रमोशन अवसरों के चलते दो साल में ही इस्तीफा दे दिया. वरिष्ठ वकील बसंत ने कहा कि इस समस्या का दूसरा पक्ष भी है. कई बार सीधे जिला जज के रूप में नियुक्त व्यक्ति अपने पूरे कार्यकाल में उसी पद पर रहता है और आगे पद्दोन्नति नहीं होती.
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों वर्गों की परिस्थितियां अलग हैं, इसलिए आसमानों को समान मानकर समाधान नहीं निकाला जा सकता. दोनों अपनी स्थिति को जानते हुए सेवा में आते है.
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-भारत एक्सप्रेस
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