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टीम इंडिया के नाम पर आपत्ति जताने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने BCCI की टीम को ‘टीम इंडिया’ कहने पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है. अदालत ने याचिकाकर्ता को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि “बेवजह अदालत का समय बर्बाद न करें.”

BCCI Team India Title
Edited by Vaibhav Gupta

सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई की टीम को प्रसार भारती, दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियों की ओर से टीम इंडिया या भारतीय टीम इंडिया कहने पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है.

अदालत का समय बर्बाद न करें: कोर्ट

यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील रीपक कंसल की ओर से दायर की गई थी. कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि अदालत का समय बेवजह बर्बाद न करें. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने यह आदेश दिया है.

मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए कहा कि आप बस घर बैठकर याचिकाएं लगाना शुरू कर देते हैं. इसमें क्या दिक्कत है? नेशनल स्पोर्ट्स ट्रिब्यूनल के लिए भी अधिसूचना है, जिसमें बेहतरीन सदस्य है.

BCCI एक निजी संस्था

याचिकाकर्ता इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट में भी याचिका दाखिल कर चुके हैं. वहां भी जज ने उन्हें फटकार लगाई थी. याचिकाकर्ता का कहना था कि बीसीसीआई एक निजी संस्था है, जिसका रजिस्ट्रेशन तमिलनाडु सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत हुआ है. यह कोई सरकारी संस्था नहीं है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि बीसीसीआई द्वारा आयोजित क्रिकेट मैचों और सार्वजनिक प्रसारणकर्ता प्रसार भारती की ओर से उनके प्रसारण के दौरान राष्ट्रीय झंडे या देश के नाम का इस्तेमाल करना किसी कानून का उल्लंघन नही है. कोर्ट ने कहा था कि आज कोई भी निजी व्यक्ति देश का झंडा फहरा सकता है.

कानुन का उल्लंघन कैसे?: कोर्ट

कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा था कि अगर आप अपने घर पर राष्ट्रीय झंडा फहराते है, तो कोई आपको रोकता है? इसमें कानून का कहां उल्लंघन होता है. कोर्ट ने कहा था कि बीसीसीआई की टीम हर जगह जाती है और भारत का प्रतिनिधित्व करती है और आप कह रहे हैं कि वे भारत का प्रतिनिधित्व नहीं करते.

याचिकाकर्ता रीपक कंसल ने याचिका दायर कर कहा था कि बीसीसीआई एक निजी निकाय है और ये तमिलनाडू सोसायटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत रजिस्टर्ड किया गया है. ऐसे में बीसीसीआई की टीम को सार्वजनिक प्रसारणकर्ता प्रसार भारती की ओर टीम इंडिया कहना इसे आधिकारिक राष्ट्रीय दर्जा देने की तरह है.

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-भारत एक्सप्रेस



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