Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

बीजेपी असम इकाई द्वारा पोस्ट को हटाने की मांग वाली याचिका पर 25 नवंबर को SC कोर्ट करेगा सुनवाई

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) असम इकाई द्वारा ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए वीडियों को हटाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 25 नवंबर को सुनवाई करेगा. इससे पहले कोर्ट ने असम सरकार, बीजेपी असम इकाई और एक्स को नोटिस जारी किया था.

Supreme Court
Edited by Vaibhav Gupta

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) असम इकाई द्वारा ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए वीडियों को हटाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 25 नवंबर को सुनवाई करेगा. इससे पहले कोर्ट ने असम सरकार, बीजेपी असम इकाई और एक्स को नोटिस जारी किया था.

राज्या पर मुसलमानों का कब्जा

वरिष्ठ वकील निजाम पाशा ने सीजेआई के समक्ष मेंशन कर जल्द सुनवाई की मांग की, जिसकी सुनवाई को कोर्ट तैयार हो गया. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ सुनवाई कर रही है.

यह याचिका पत्रकार कुर्बान अली की ओर से दायर की गई है. दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस वीडियो में बीजेपी को राज्य में सत्ता न मिलने पर मुसलमानों का कब्जे हो जाने की बात कही गई है.

FIR दर्ज न होने पर अवमानना की कार्रवाई

पिछली सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील निजाम पाशा ने दलील देते हुए कहा था कि एक वीडियो सामने आया है, जिसे रिकॉर्ड में रखा गया है. विडियो में दिखाया गया है, कि अगर एक खास राजनीतिक दल सत्ता में नहीं आता है, तो मुसलमानों का पूरे राज्य पर कब्जा हो जाएगा. उन्होंने यह भी कहा था कि वे राज्य के ऐसे दृश्य दिखाते है, जहां एक खास तरह के लोगों ने कब्जा कर लिया है. दाढ़ी और टोपी वगैरह. इसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही उन्होंने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की है.

उन्होंने कोर्ट से यह भी कहा था कि अगर एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है तो अवमानना की कार्रवाई की जानी चाहिए. दायर याचिका में कहा गया है कि भाजपा असम इकाई द्वारा 15 सितंबर 2025 को अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल भाजपा असम प्रदेश पर एक वीडियो प्रसारित किया गया है, जिसमें एक बहुत ही गलत कहानी दिखाई गई है.

मुस्लिम संगठनों ने जताई आपत्ति

दायर याचिका में यह भी कहा गया है कि यह वीडियो हमारे देश के किसी भी राज्य की सत्तारूढ़ व्यवस्था द्वारा बनाए रखने के लिए बाध्य धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की घोर अवहेलना करता है. इस वीडियो के वायरल होने के बाद कई मुस्लिम संगठनों के साथ-साथ सिविल सोसाइटी के लोगों ने आपत्ति जताई थी. असम सरकार पर आरोप लगाया गया था कि वह विकास की जगह सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ कर जनता का वोट लेना चाहती है. जिसके बाद मुसलमानों की छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है.

ये भी पढ़ें: Justice Suryakant: जस्टिस सुर्यकांत होंगे देश के अगले मुख्य न्यायधिश, राष्ट्रपति ने लगाई मुहर

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital