केरल के मुल्लापेरियारबांध की जगह नए बांध के निर्माण के लिए दिशा निर्देश जारी करने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार, केरल सरकार, तमिलनाडु सरकार और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सीजेआई बी आर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने केरल बचाओ ब्रिगेड की याचिका पर यह नोटिस जारी किया है.
बांध बना टकराव का कारण
दायर याचिका में कहा गया है कि 130 साल पुराने ब्रिटिश काल में बने बांध के आसपास 1 करोड़ से ज्यादा लोग रह रहे है. ऐसे में यहां पर नया बांध बनना चाहते. सीजेआई ने कहा कि शायद बांध को मजबूत बनाने या निगरानी के लिए विशेषज्ञ निकाय नियुक्त करने के लिए कोई निर्देश दिया जाए. मुल्लापेरियार बांध तमिलनाडु और केरल के बीच टकराव का कारण रहा है.
बांध का मजबूती में दिशा-निर्देश की जरूरत
हालांकि बांध और उसका जलग्रहण क्षेत्र केरल में है, लेकिन इसके जलाशय का पानी तमिलनाडु द्वारा किया जाता है और यह राज्य के पांच जिलों की जीवनरेखा हैं. सुनवाई के दौरान सीजेआई गवईने कहा कि मौजूदा बांध को मजबूत करने के लिए कुछ दिशा-निर्देशों के मानने की जरूरत हो सकती है.
सीजेआई ने सुझाव दिया गया इस मामले की जांच एक विशेषज्ञ समिति की तरफ से कराई जाए. ताकि बांध की सुरक्षा पहलुओं और नए ढांचे के निर्माण को लेकर आकलन किया जा सके. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2014 में तमिलनाडु के पक्ष में फैसला सुनाया था और कहा था कि बांध सुरक्षित है, लेकिन बांध के जलाशय का स्तर 142 फीट पर रखा जाना चाहिए.
-भारत एक्सप्रेस
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