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2003 में कांग्रेस नेता रामावतार जग्गी हत्या मामले में सीबीआई की अपील पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने 2003 में कांग्रेस नेता रामावतार जग्गी हत्या मामले में सीबीआई की अपील पर बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से कहा कि वह राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को बरी किए जाने पर नए सिरे से विचार करने को कहा है

Edited by Vaibhav Gupta

सुप्रीम कोर्ट ने 2003 में कांग्रेस नेता रामावतार जग्गी हत्या मामले में सीबीआई की अपील पर बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से कहा कि वह राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को बरी किए जाने पर नए सिरे से विचार करने को कहा है. जस्टिस विक्रमनाथ, जस्टिस संजय करोल और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सीबीआई की अपील को स्वीकार करते हुए दिया है.

कोर्ट ने सीबीआई को किया माफ

कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि राजनीतिक साजिश और हत्या जैसे गंभीर आरोपों वाले मामले को केवल तकनीकी देरी के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने सीबीआई की अपील दाखिल करने में हुई देरी को माफ कर दिया, यह कहते हुए कि आरोपी गंभीर हैं और उन्हें मेरिट पर सुना जाना चाहिए. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अमित जोगी की दोषमुक्ति को चुनौती देने वाली छत्तीसगढ राज्य और सतीश जग्गी की सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है.

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने लालू यादव यादव बनाम बिहार राज्य सरकार के फैसले का हवाला दिया, जिसने स्पष्ट किया था कि ऐसे मामलों में अपील का अधिकार केंद्र सरकार के पास है. इसलिए अदालत ने छत्तीसगढ़ राज्य की याचिका को वर्तमान कानून के अनुसार खारिज कर दिया. साथ ही यह कहा कि पीड़ित के पास उस समय अपील का अधिकार नहीं था क्योंकि संबंधित संशोधन 2009 में आया था, जबकि बरी 2007 में हुई थी.

सबूतों की कमी पर अमित जोगी बरी

अमित जोगी पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता रामावतार जग्गी से जुड़े 2003 के एक मामले में आरोप तय किए गए हैं. चार जून 2003 को जग्गी की हत्या कर दी गई थी. उस दौरान अजित जोगी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री थे. अमित जोगी पर हत्या के आरोप लगे थे. ट्रायल कोर्ट ने कई सह-आरोपियों को दोषी करार दिया, लेकिन सबूतों की कमी के आधार पर अमित जोगी की बरी कर दिया. राज्य सरकार और मृतक के परिजन इस फैसले को चुनौती लेकर हाई कोर्ट पहुचे, लेकिन हाई कोर्ट ने कहा कि सीबीआई द्वारा जांच किए गए मामलों में राज्य सरकार अपील नहीं कर सकती.

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-भारत एक्सप्रेस



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