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‘सिर्फ गेहूं ही एकमात्र विकल्प नहीं…’ सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को कृषि नीति बदलने का दिया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने पीली मटर के ड्यूटी-फ्री आयात को लेकर दायर याचिका पर केंद्र सरकार से कृषि नीति की समीक्षा करने को कहा है.

OBC Reservation Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने देश में पीली मटर का आयात रोकने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार से वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने की नीति पर पुनर्विचार करने को कहा है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह दालों जैसी वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा नीति की समीक्षा करें और सभी हितधारकों से परामर्श कर नया नीति ढांचा तैयार करने को कहा है.

सीजेआई ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हमे ये.देखना होगा कि क्या हमें उतना ही धान और गेहूं चाहिए जितना हम पैदा कर रहे हैं. अब गेहूं ही एकमात्र विकल्प नही है. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि इससे देश के किसानों को नुकसान हो रहा है, क्योंकि घरेलू बाजार में दालों की कीमतें नियुन्तम समर्थन मूल्य से नीचे चली जाती है. कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए मुद्दे, खासकर पीली मटर के डियूटी फ्री आयात पर गंभीरता से विचार किया जाए.

किसान महापंचायत की याचिका पर केंद्र से मांगा जवाब

कोर्ट ने केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से कहा कि देश में कृषि नीति की समीक्षा कर गेहूं और धान के बजाए दालों जैसी वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए नया नीतिगत ढांचा तैयार करें. कोर्ट ने कहा संबंधित मंत्रालयों में बेहतर समन्वय और समझ आनी चाहिए.यह याचिका किसान महापंचायत नामक संस्था की ओर से दायर की गई है. जिसमें कहा गया है कि दाल के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल होने वाली पीली मटर के आयात से किसानों को नुकसान हो रहा है. उसकी आजीविका प्रभावित हो रही हैं.

अदालत ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल से कहा कि वे सभी हितधारकों की बैठक बुलाकर मौजूदा नीति की समीक्षा करें और एक बेहतर नीति ढांचा तैयार करें.

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-भारत एक्सप्रेस



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