सुप्रीम कोर्ट रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम), उसके ग्रुप की कंपनियों और उनके प्रवर्तक अनिल अंबानी से जुड़े कथित बैंक धोखाधडी मामले में 8 मई को सुनवाई करेगा. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ मामले में सुनवाई कर रही है.
सुनवाई के दौरान सीबीआई और ईडी ने अभी तक कि जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दिया गया है. इसपर सीजेआई ने कहा कि आगे कोई निर्देश जारी करने से पहले हम रिपोर्ट देखना चाहते हैं. वही याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि मुझे एक बात थोड़ी अजीब लग रही है कि ईडी कह रही है कि उन्होंने 5-6 लोगो को गिरफ्तार किया है. लेकिन उन्होंने इस पूरे घोटाले के सरगना को गिरफ्तार नही किया है. सेबी ने अनिल अंबानी को धोखाधड़ी का सरगना बताया था.
नए सबूत मिलने से जांच में हुई देरी- एसजी तुषार मेहता
मामले की सुनवाई के दौरान पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पिछली बार आपके बयान में कहा गया था कि जांच 4 सप्ताह में पूरी हो जाएगी. लेकिन उसके बाद हमें कुछ और सबूत मिले और 2 और एफआईआर दर्ज की गई. इसलिए हम जांच पूरी नही कर पाए. एसजी मेहता ने कहा कि मैं यह नही बता पाऊंगा कि किसी X या Y को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया. यह मामला 40000 करोड़ की हेराफेरी का मामला है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि “हम निर्देश देते हैं कि किसी भी प्रकार के प्रावधान के बावजूद, सीबीआई को संभावित नेक्सस, मिलीभगत और साजिश की जांच की जरूरत है. इसके लिए कानून के तहत सभी आवश्यक कदम उठाकर जांच को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुचाया जाए. दोनों एजेंसियों ने अब तक कार्रवाई में समय लिया है. सीजेआई ने कहा था कि हम सीबीआई और ईडी से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने कर्तव्यों का पालन करें. उन्हें पता है कि अपना काम कैसे करना है. कोर्ट ने देरी पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह दलील दी गई कि ईडी की ओर से कार्रवाई में अस्पष्ट देरी हुई है.
ईडी ने दायर हलफनामा में यह भी कहा है कि उसने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस, रिलायंस होम फाइनेंस, रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस पावर से संबंधित पीएमएलए के तहत तीन ईसीआईआर दर्ज किए हैं. इसके अलावा रिलायंस अनिल अंबानी समूह की संस्थाओं के खिलाफ तीन अलग-अलग फीमा जांच भी चल रही हैं. हलफनामे के मुताबिक ईडी ने.अब तक 46 परिसरों की तलाशी ले चुकी है. 300 से अधिक समन जारी किए गए है, 200 से अधिक बयान दर्ज किए हैं.13 अस्थायी कुर्की आदेश जारी किए हैं.
पीएमएलए के तहत जब्त की गई संपत्तियों का कुल.मूल्य 12012 करोड़ रुपए बताया गया है. फेमा कि कार्यवाही के तहत 77.86 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है. यह याचिका पूर्व केंद्रीय सचिव ईएएस सरमा ने दायर की हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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