गोवा खेल प्राधिकरण में वेटलिफ्टिंग कोच के चयन में पक्षपात लगाकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दिया है. जस्टिस पवन मिथल और जस्टिस के वी विश्नाथन की बेंच ने केंद्रीय खेल प्राधिकरण, गोवा सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. यह याचिका भारोतोलन कोच के पद के लिए चुनाव लड़ रही महिला उम्मीदवार की ओर से दायर की गई है.
चयन प्रक्रिया में पक्षपात का लगाया आरोप
महिला ने अपने पूर्व कोच के हाथों चयन प्रक्रिया में पक्षपात का आरोप लगाया है. जिसके खिलाफ उसने एक बार उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील साल्वाडोर संतोष रेबेलो ने कहा कि जो चयन टेस्ट हुआ था, उसमें एक टेस्ट ऐसा था जिसमें परीक्षक वही व्यक्ति था जो पहले याचिकाकर्ता का कोर्ट रह चुका था.
उसने याचिकाकर्ता को पहले परेशान किया था. जिसके बाद याचिकाकर्ता ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. जिसके बाद गोवा सरकार को एक आवेदन दिया गया. सरकार ने जांच में याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों को सही पाया और फैसला किया कि उस टेस्ट को दोबारा आयोजित किया जाएगा.
हाईकोर्ट ने दोबारा परीक्षा कराने के आदेश को पलटा
जिसके बाद यह मामला हाई कोर्ट पहुचा था और हाई कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा दोबारा परीक्षा कराने के फैसले को पलट दिया था और जो अंतिम लिखित परीक्षा होनी थी, उसे आगे बढ़ाने का आदेश दिया. जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. जिस याचिका पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दिया है.
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