DHFL Loan Scam Case: करोड़ो रूपये के बैंक ऋण घोटाला मामले में डीएचएफएल के पूर्व प्रमोटर धीरज वधावन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने सीबीआई की मांग पर धीरज वधावन को चिकित्सीय आधार पर मिली अंतरिम जमानत को रद्द कर दिया है. साथ ही कोर्ट ने धीरज वधावन को दो सप्ताह में सरेंडर करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने इससे पहले मेडिकल बोर्ड के गठन कर रिपोर्ट देने को कहा था और मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट को देखने के बाद यह आदेश दिया है.
मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कोर्ट को बताया था कि धीरज वधावन 45 वर्षीय व्यक्ति है. जिनको कोई गंभीर बीमारी नही है. एएसजी एसवी राजू ने यह भी कहा था कि वह पैसे वाले व्यक्ति है और उन्होंने निजी अस्पतालों से रिपोर्ट हासिल कर राहत प्राप्त की है. भारी मात्रा में पैसे का गवन किया गया है. वही धीरज वधावन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था सीबीआई की दलीलों का विरोध किया.
उन्होंने कहा था कि वधावन को गुर्दे, रीढ़ और ह्रदय संबंधी समस्याएं है. दिल्ली हाई कोर्ट ने नौ सितंबर 2024 को धीरज वधावन को चिकित्सा आधार पर जमानत देते हुए कहा था कि वधावन एक बीमार व्यक्ति के मानदंडों के अंतर्गत आते हैं. डीएचएफएल मामला भारत में सबसे बड़े बैंकिंग धोखाधड़ी में से एक है. इसमें 34 हजार करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी का आरोप है. वधावन बंधुओ को इस मामले में जुलाई 2022 में गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में सीबीआई ने अक्टूबर 2022 में चार्जशीट दाखिल किया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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