सुप्रीम कोर्ट
लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार को अवमानना का नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने प्रथमेश को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है. इस भयानक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी.
मामले की सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी ने कोर्ट को बताया कि जिस इमारत में आग लगी थी, उसे गिराने का आदेश 10 मई 2016 को दिया गया था, लेकिन 5 जुलाई 2016 को उसी प्राधिकरण ने तकनीकी आधार पर अपना आदेश वापस ले लिया था. इसके बाद सालों तक कोई कार्रवाई नही की गई. जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है.
अधिकारियों की लापरवाही पर मांगा जवाब
कोर्ट ने निर्देश दिया कि घटना के बाद तैयार की गई एसआईटी रिपोर्ट अगली सुनवाई में सील बंद लिफाफे में कोर्ट के समक्ष पेश करने को कहा है. अदालत ने कहा कि यह मामला केवल एक हादसा नहीं, बल्कि नियमों के पालन में गंभीर लापरवाही और अधिकारियों की जवाबदेही से जुड़ा है. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मास्टर प्लान और भूमि उपयोग के नियमों का खुला उल्लंघन होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. कोर्ट ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में अवमानना की कार्यवाही शुरू करना जरूरी हो गया है.
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट देशभर में आवासीय भवनों के व्यवसायिक उपयोग और भवन नियमों के उल्लंघन पर निगरानी कर रहा है. 25 मार्च 2026 को अदालत ने इस मामले का दायरा बढ़ाते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पक्षकार बनाया था, ताकि शहरी नियोजन, भवन सुरक्षा और मास्टर प्लान के पालन को लेकर पूरे देश मे जवाबदेही तय किया जा सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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