Dalit Human Rights: सुप्रीम कोर्ट ने दलित ह्यूमन राइट्स डिफेंडर्स नेटवर्क द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट जाने की सलाह दी है. दायर याचिका में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के अधिकारों के लिए राज्य, जिला और उप-मंडल स्तर पर सतर्कता एवं निगरानी समितियों के गठन की मांग की गई थी.
जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह आदेश दिया है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुए स्वतंत्रता दी है कि वह हाई कोर्ट में नई याचिका दाखिल कर सकते है. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने दलील देते हुए कहा कि कई राज्यों में चार्जशीट दाखिल करने में देरी हो रही है और अधिकांश जगहों पर निगरानी समितियां गठित नहीं हुई है.
कोर्ट ने खारिज की दलील
कोर्ट ने दलील को खारिज करते हुए कहा कि यह अत्यंत व्यापक और अस्पष्ट है. जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि आप समझिए इस तरह के.सभी मुद्दों को एक साथ उठाने पर इसे संभावना बेहद कठिन होगा. आपको हर राज्य या विषय के लिए अलग-अलग याचिकाएं दाखिल करनी चाहिए थीं.
सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रमनाथ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर इस याचिका से जुड़े सारे दस्तावेज यहां रखे जाए तो कमरा छोटा पड़ जाएगा. इसके बाद याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने अदालत को बताया कि वे राज्यवार याचिकाएं दाखिल करेंगे. इसपर कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों को संबंधित हाई कोर्ट के समक्ष उठाया जाना चाहिए, न कि सीधे सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करना चाहिए.
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-भारत एक्सप्रेस
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